
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद वापस अदियाला जेल लाया गया। इससे पहले उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल से अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल पहुंचने के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और पुलिस ने आसपास की सड़कों को अपने नियंत्रण में ले लिया था। मीडिया और आम लोगों को भी अस्पताल के आसपास जाने की अनुमति नहीं दी गई। अस्पताल के अंदर भी पाकिस्तान पुलिस और सेना के जवानों की तैनाती की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अस्पताल ले जाया गया
इमरान खान को अस्पताल ले जाने का फैसला पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ। कोर्ट ने कहा था कि इमरान खान को बेहतर इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि इमरान खान की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। उन्हें बेहतर मेडिकल सुविधा मिलना उनका अधिकार है। कोर्ट ने यह भी कहा कि उनके जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा संवैधानिक अधिकारों का हिस्सा है।
#WATCH इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को आज सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।
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— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 21, 2026
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान के परिवार के लोगों को उनसे मुलाकात करने की अनुमति देने का भी निर्देश दिया। आदेश के अनुसार, परिवार के सदस्यों के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार मुलाकात की व्यवस्था की जानी थी।
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार मांगा
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद शहबाज शरीफ सरकार ने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की गई। हालांकि, कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने इस याचिका को अधूरे दस्तावेज और जरूरी पेपर बुक पूरी तरह जमा नहीं होने जैसी कमियों के कारण वापस कर दिया। इस घटनाक्रम को पाकिस्तान सरकार के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का स्पष्ट निर्देश दिया था।
इमरान खान करीब तीन साल से जेल में हैं
इमरान खान लंबे समय से जेल में बंद हैं। उनके समर्थकों और पार्टी नेताओं का लगातार आरोप रहा है कि उन्हें राजनीतिक कारणों से जेल में रखा गया है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI लगातार सरकार से इमरान खान को बेहतर मेडिकल सुविधा और परिवार से मुलाकात की अनुमति देने की मांग करती रही है।
क्या इमरान की रिहाई से सरकार को राजनीतिक नुकसान का डर है?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सरकार की पुनर्विचार याचिका के बीच पाकिस्तान की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। PTI नेता जुनैद अकबर ने आरोप लगाया है कि शहबाज शरीफ सरकार इमरान खान से राजनीतिक रूप से डरती है। उनका कहना है कि अगर इमरान खान जेल से बाहर आते हैं, तो सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती खड़ी हो सकती है।
जुनैद अकबर के मुताबिक, इमरान खान की लोकप्रियता को देखते हुए उनकी रिहाई का असर शहबाज शरीफ सरकार पर पड़ सकता है। उनका आरोप है कि इसी वजह से सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने में देरी करने के रास्ते तलाश रही है। हालांकि, सरकार की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर अंतिम स्थिति अदालत के फैसलों और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई से ही स्पष्ट होगी।
अस्पताल में कड़ी सुरक्षा क्यों रही?
इमरान खान को अस्पताल ले जाते समय सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए। अस्पताल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। सेना और पुलिस के जवान अस्पताल के अंदर भी मौजूद रहे। मीडिया को भी अस्पताल के आसपास से दूर रखा गया। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य इमरान खान को अस्पताल लाने और वापस जेल ले जाने के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकना था।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल इमरान खान को मेडिकल जांच के बाद वापस अदियाला जेल भेज दिया गया है। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के अस्पताल में इलाज और परिवार से मुलाकात से जुड़े निर्देशों को लेकर सरकार और अदालत के बीच कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इमरान खान का स्वास्थ्य, उनकी जेल में स्थिति और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर पाकिस्तान की राजनीति में आने वाले दिनों में मामला महत्वपूर्ण बना रह सकता है।
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