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गाजा में हिंसा पर फिलिस्तीन और मिस्र की कड़ी अपील… अरब लीग शिखर सम्मेलन में की शांति की मांग

बगदाद: इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष को लेकर मध्य पूर्व में स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है। शनिवार को बगदाद में आयोजित 34वें अरब लीग शिखर सम्मेलन में फिलिस्तीन और मिस्र ने मिलकर गाजा पट्टी में तत्काल और स्थायी युद्धविराम की जोरदार मांग की।

-फिलिस्तीनी राष्ट्रपति ने की सैन्य अभियानों की निंदा

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इजरायल द्वारा गाजा में किए जा रहे सैन्य अभियानों की निंदा करते हुए कहा कि शांति तभी संभव है जब इजरायली कब्जा खत्म हो और फिलिस्तीनी नागरिकों को उनके संप्रभु अधिकार लौटाए जाएं। उन्होंने अरब देशों से इजरायल के खिलाफ संयुक्त रणनीति अपनाने की अपील की।

-आबादी को मिटाने की साजिश

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी ने गाजा में पिछले 19 महीनों से जारी मानवाधिकार उल्लंघनों और नागरिक हत्याओं को ‘व्यवस्थित जनसंहार’ बताते हुए चेताया कि यह हिंसा गाजा की पूरी आबादी को मिटाने की साजिश जैसी प्रतीत होती है। उन्होंने अमेरिका और अन्य वैश्विक ताकतों से इस संकट को समाप्त करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।

-फिलिस्तीन और मिस्र की अपील

सम्मेलन के दौरान हमास के मीडिया कार्यालय ने दुनिया से अपील की कि गाजा पर लगे नाकेबंदी को तुरंत हटाया जाए और मानवीय सहायता की आपूर्ति की अनुमति दी जाए। गाजा के लाखों निवासी भुखमरी और विस्थापन की त्रासदी झेल रहे हैं।

-लेबनान के प्रधानमंत्री ने की इजरायल की आलोचना

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इजरायल के आक्रामक रुख की आलोचना करते हुए कहा कि यह हमले नवंबर 2023 में हुई अस्थायी सहमति का उल्लंघन हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की कि वह इजरायल पर कड़ी कार्रवाई कर उसे शांति के लिए मजबूर करे। संयुक्त राष्ट्र सहायता प्रमुख टॉम फ्लेचर ने भी सुरक्षा परिषद से सवाल किया कि क्या वह इस ‘नरसंहार’ को रोकने के लिए कोई ठोस पहल करेगी। वहीं, इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने गाजा और लेबनान के पुनर्निर्माण के लिए 40 मिलियन डॉलर के कोष की घोषणा की।

-अरब लीग शिखर सम्मेलन

यह सम्मेलन 2003 के अमेरिकी आक्रमण के बाद इराक द्वारा आयोजित दूसरा बड़ा अरब लीग आयोजन था। इसमें 22 सदस्य देशों के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

गौरतलब है कि इजरायल ने छह सप्ताह के युद्धविराम के बाद गाजा पर फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू की है। उसका दावा है कि उसका लक्ष्य हमास की सैन्य और प्रशासनिक संरचनाओं को नष्ट करना है। हालांकि, इस कार्रवाई में अब तक 53,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। मौजूदा हालात में अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है कि इजरायल युद्धविराम की वार्ता बहाल करे और गाजा में मानवीय राहत पहुंचने दे। सम्मेलन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब दुनिया को केवल बयानबाज़ी से आगे बढ़कर निर्णायक कदम उठाने होंगे।

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