Palestine : फिलिस्तीन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता को लेकर दुनिया में एक नया मोड़ आया है। फिलिस्तीन को अब तक 152 देशों से औपचारिक मान्यता मिल चुकी है, और इसमें अब बड़े देशों जैसे कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हो गए हैं। इस बीच, फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए आतंकी संगठन हमास और अन्य संबंधित गुटों से अपने हथियार फिलिस्तीनी प्राधिकरण को सौंपने और खुद को सरेंडर करने की अपील की है। यह बयान फिलिस्तीन के आंतरिक और बाहरी राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलावों को सूचित करता है।
“Two-state solution only way for Israel-Palestine”: UN Spokesperson Stephane Dujarric
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— ANI Digital (@ani_digital) September 22, 2025
फिलिस्तीन के राष्ट्रपति का हमास पर हमला
फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा कि गाजा में हमास की कोई जगह नहीं होगी और वह जल्द से जल्द अपने हथियार फिलिस्तीनी प्राधिकरण को सौंपे। महमूद अब्बास यह बयान यूनाइटेड नेशंस (UN) के पीस समिट को ऑनलाइन संबोधित करते हुए दे रहे थे, क्योंकि अमेरिकी वीजा न मिलने के कारण वह शारीरिक रूप से समिट में शामिल नहीं हो सके। उनका यह बयान फिलिस्तीन में सत्ता संघर्ष और हमास की भूमिका को लेकर गहरे राजनीतिक विचार-विमर्श का संकेत देता है। अब्बास ने जोर देते हुए कहा कि फिलिस्तीन का भविष्य और उसकी स्वतंत्रता के लिए यह समय है कि सभी गुट एकजुट होकर काम करें।
7 अक्टूबर इजरायल हमले की निंदा
फिलिस्तीन के राष्ट्रपति ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमले की भी कड़ी निंदा की। अब्बास ने कहा, “हम हमास की कार्रवाई सहित 7 अक्टूबर को इजरायल में हुई नागरिकों की हत्या और अपहरण की भी निंदा करते हैं।” 7 अक्टूबर को हमास के हमले में 1200 से ज्यादा इजरायली नागरिकों की जान गई थी, और सैकड़ों इजरायली नागरिकों को अपहृत कर गाजा ले जाया गया था। फिलिस्तीन के राष्ट्रपति का यह बयान फिलिस्तीन और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को लेकर स्पष्ट संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है।
फिलिस्तीन को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता
फिलिस्तीन को अब तक 152 देशों की औपचारिक मान्यता मिल चुकी है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में फिलिस्तीन के समर्थकों की संख्या बढ़ रही है। हाल ही में फ्रांस ने फिलिस्तीन को औपचारिक रूप से राष्ट्र के तौर पर मान्यता दी, जिससे पश्चिमी देशों में एक नया परिप्रेक्ष्य सामने आया है। कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख देशों ने भी फिलिस्तीन को राष्ट्र के रूप में मान्यता देने का ऐलान किया था, जिसके बाद फिलिस्तीन के लिए वैश्विक समर्थन और मजबूत हुआ है।
इटली में विरोध प्रदर्शन, मेलोनी सरकार पर सवाल
हालांकि, फिलिस्तीन की मान्यता पर यूरोप में फूट भी दिखाई दे रही है। इटली ने फिलिस्तीन को मान्यता देने से इनकार कर दिया है, जिसके कारण इटली में फिलिस्तीन के समर्थन में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की सरकार पर दबाव डालना है। इटली के नागरिक और विभिन्न संगठन इस बात पर विरोध जता रहे हैं कि इटली की सरकार ने फिलिस्तीन को मान्यता देने के मामले में यूरोप के अन्य देशों से पीछे क्यों हटा है। प्रदर्शनकारियों ने मेलोनी सरकार के फैसले को अंतरराष्ट्रीय शांति और न्याय की ओर एक बड़ा कदम न उठाने के रूप में देखा है।

