
इंटरनेशनल डेस्क: दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन स्थित साइमनस्टाउन बंदरगाह पर 10 जनवरी की सुबह स्थानीय समयानुसार “शांति संकल्प-2026” संयुक्त समुद्री अभ्यास का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण बहुपक्षीय अभ्यास में ब्रिक्स सदस्य देश जैसे- चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य “महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों और आर्थिक गतिविधियों की सुरक्षा बनाए रखने हेतु संयुक्त अभियान क्षमता को सुदृढ़ करना” है। चीन की ओर से इसमें भाग लेने वाले बलों में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) नौसेना के 48वें एस्कॉर्ट बेड़े का थांगशान निर्देशित मिसाइल विध्वंसक, थाईहू व्यापक आपूर्ति पोत, एक हेलीकॉप्टर तथा दर्जनों विशेष अभियान कर्मी शामिल हैं।
“शांति संकल्प-2026” संयुक्त समुद्री अभ्यास 9 से 16 जनवरी तक दक्षिण अफ्रीका के साइमनस्टाउन के समीप समुद्री और हवाई क्षेत्रों में आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास दो चरणों में विभाजित है- बंदरगाह चरण और समुद्री चरण। 9 से 12 जनवरी तक चलने वाले बंदरगाह चरण में उद्घाटन समारोह, जहाजों का निरीक्षण, सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियाँ, और पेशेवर तकनीकी आदान-प्रदान जैसी विविध गतिविधियाँ शामिल हैं।
इसके बाद 13 से 15 जनवरी तक समुद्री चरण में चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाएँ संयुक्त रूप से समुद्र में अभ्यास करेंगी। इस दौरान संचार अभ्यास, नौसैनिक गठन युद्धाभ्यास, जहाज-रोधी अभियान, अपहृत जहाजों की मुक्ति, तथा घायल कर्मियों को हेलीकॉप्टर से निकालकर चिकित्सा सहायता प्रदान करने जैसे रणनीतिक अभ्यास संपन्न किए जाएंगे। अभ्यास का समापन समारोह 16 जनवरी को आयोजित किया जाएगा।
इस संयुक्त नौसैनिक अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाले देशों के बीच रक्षा सहयोग और आपसी विश्वास को गहराना, समुद्री सुरक्षा समन्वय को सशक्त बनाना और क्षेत्रीय तथा वैश्विक स्तर पर समुद्री खतरों से निपटने की उनकी संयुक्त क्षमता को प्रभावी रूप से बढ़ाना है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)
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