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बड़ी खबर: पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी, सरकार ने दिया झटका

Petrol and diesel become expensive again in Pakistan

Petrol and diesel become expensive again in Pakistan

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में महंगाई से परेशान लोगों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। शहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें बुधवार, 2 सितंबर 2026 से लागू हो गई हैं। सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 1.08 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल के दाम में 0.51 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।

अब कितना महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल?

नई बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की खुदरा कीमत बढ़कर 343.87 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं हाई-स्पीड डीजल की कीमत 370.92 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार पेट्रोल पर करीब 114 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर करीब 100 रुपये प्रति लीटर टैक्स वसूलना जारी रखेगी।

अप्रैल में आसमान पर पहुंच गए थे दाम

हालांकि ताजा बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है, लेकिन मौजूदा कीमतें अप्रैल के रिकॉर्ड स्तर से अभी भी काफी नीचे हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था। इसका असर पाकिस्तान में भी देखने को मिला था।

हाई-स्पीड डीजल की कीमत 28 फरवरी को करीब 281 रुपये प्रति लीटर थी। इसके बाद कीमतों में तेजी आई और 3 अप्रैल को डीजल 520.35 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसी तरह पेट्रोल की कीमत भी तेजी से बढ़ी थी। मार्च के पहले सप्ताह में पाकिस्तान में पेट्रोल करीब 266 रुपये प्रति लीटर था, जो बढ़कर 3 अप्रैल को 458.41 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।

सरकार ने पहले ही दिए थे कीमत बढ़ाने के संकेत

पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की कीमतों में बदलाव को लेकर पहले ही संकेत दे दिए थे। 17 जुलाई को पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव को देखते हुए ईंधन की कीमतें अब रोजाना तय की जा सकती हैं।

पहले पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों की समीक्षा हर पखवाड़े यानी करीब 15 दिन में की जाती थी। नई व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान के आधार पर कीमतों में ज्यादा बार बदलाव किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मंत्रिमंडल ने तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण को अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के अनुसार ईंधन की कीमतें तय करने की जिम्मेदारी दी है।

पेट्रोल-डीजल महंगा होने से किस पर पड़ेगा असर?

पेट्रोल की कीमत बढ़ने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। पाकिस्तान में पेट्रोल का इस्तेमाल मुख्य रूप से कार, छोटे वाहन, रिक्शा और दोपहिया वाहनों में होता है। इसलिए इसकी कीमत बढ़ने से मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग का खर्च बढ़ जाता है। वहीं डीजल की कीमत में बढ़ोतरी का असर इससे भी व्यापक हो सकता है।

हाई-स्पीड डीजल का इस्तेमाल भारी वाहनों, परिवहन, बिजली संयंत्रों और बड़े जनरेटरों में किया जाता है। ऐसे में डीजल महंगा होने पर माल ढुलाई और दूसरी सेवाओं की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आम जरूरत की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

पेट्रोल और डीजल सरकार की कमाई का बड़ा जरिया

पाकिस्तान में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल सरकार के लिए राजस्व का बड़ा स्रोत हैं। इन दोनों ईंधनों की हर महीने करीब 7 लाख से 8 लाख टन बिक्री होती है। इसके मुकाबले केरोसिन की मासिक मांग काफी कम है और यह करीब 10,000 टन बताई जाती है। यही वजह है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में होने वाला बदलाव सरकार की आय के साथ-साथ आम जनता की जेब पर भी सीधा असर डालता है।

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