Philippines Typhoon Kalmaegi: फिलीपींस इस समय अपने इतिहास के सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। आपको बता दें कि शक्तिशाली कालमेगी तूफान ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 241 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर ने देशभर में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, तूफान के चलते कई इलाकों में संचार और परिवहन व्यवस्था ठप हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन कई जगहों तक अब भी सहायता नहीं पहुंच पाई है। फिलीपींस रेड क्रॉस के अनुसार, सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं और लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं।
BREAKING: The Philippines declares a state of emergency after Typhoon Kalmaegi leaves at least 114 dead and hundreds missing in central provinces. https://t.co/mJm1nWYjIm
— The Associated Press (@AP) November 6, 2025
सेना के छह जवानों की भी मौत
फिलीपींस की सेना ने पुष्टि की है कि मृतकों में छह जवान भी शामिल हैं जो तूफान प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने जा रहे थे। उनका हेलीकॉप्टर मंगलवार को दक्षिणी अगूसन डेल सूर प्रांत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अधिकारियों का कहना है कि खराब मौसम और तेज हवाओं की वजह से यह हादसा हुआ।
सेबू सबसे ज्यादा प्रभावित
देश का मध्य प्रांत सेबू तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई। नदियों का जलस्तर बढ़ने से आवासीय क्षेत्र जलमग्न हो गए और लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ी। सेबू की गवर्नर पामेला बारिकुआट्रो ने बताया कि बचाव प्रयासों के बावजूद बाढ़ इतनी तेज थी कि सैकड़ों घर बह गए।
सेबू प्रांत की आबादी करीब 24 लाख है और यह इलाका अभी भी 30 सितंबर को आए 6.9 तीव्रता वाले भूकंप से उबर नहीं पाया था, जिसमें 79 लोगों की मौत हुई थी। भूकंप से विस्थापित हजारों लोगों को पहले ही अस्थायी शिविरों में रखा गया था, जिससे तूफान के दौरान कुछ जानें बचाई जा सकीं।
दक्षिण चीन सागर की ओर बढ़ा कालमेगी
मौसम विभाग के अनुसार, कालमेगी अब दक्षिण चीन सागर की ओर बढ़ गया है। तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 130 से 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई। फिलहाल राहत एजेंसियां बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और आवश्यक आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं।

