PM Modi Trinidad and Tobago Visit : घाना की अपनी यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि त्रिनिदाद और टोबैगो में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की छठी पीढ़ी को ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आप सिर्फ खून या उपनाम से नहीं जुड़े हैं, आप भारत से दिल से जुड़े हैं। भारत आपका स्वागत करता है और आपको गले लगाता है।’
त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि त्रिनिदाद और टोबैगो में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की छठी पीढ़ी को ओसीआई कार्ड दिए जाएंगे। आप सिर्फ खून या उपनाम से नहीं जुड़े हैं। आप अपनेपन से भी जुड़े हैं। भारत आपका स्वागत करता है और आपको गले लगाता है।’
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर को बिहार की बेटी बताया। उन्होंने कहा, ‘त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर के पूर्वज बिहार के बक्सर से थे। कमला खुद वहां रही हैं और लोग उन्हें बिहार की बेटी मानते हैं। यहां मौजूद कई लोगों के पूर्वज बिहार से हैं। बिहार की विरासत भारत के साथ-साथ दुनिया का भी गौरव है। लोकतंत्र हो, राजनीति हो, कूटनीति हो, उच्च शिक्षा हो, ऐसे अनेक विषयों में बिहार ने सदियों पहले दुनिया को नई दिशा दिखाई थी। मुझे विश्वास है कि 21वीं सदी के विश्व के लिए भी बिहार की धरती से नई प्रेरणाएं और नए अवसर निकलेंगे।’
प्रधानमंत्री ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का खुशी से स्वागत किया और भगवान राम के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हमें याद है कि आपने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पवित्र जल और पत्थर भेजे थे। मैं भी वैसी ही श्रद्धा के साथ कुछ लेकर आया हूं। अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिकृति और सरयू नदी का कुछ जल लेकर आना मेरे लिए सम्मान की बात है। आप सभी जानते हैं कि इस साल की शुरुआत में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम महाकुंभ आयोजित किया गया था। महाकुंभ का जल अपने साथ ले जाने का सौभाग्य मुझे मिला है। मैं कमला जी से अनुरोध करता हूं कि वे सरयू नदी और महाकुंभ का पवित्र जल यहां गंगा नदी में अर्पित करें।’
उन्होंने भारतीय समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘आपके पूर्वजों ने कष्ट झेले। वे गंगा-यमुना को पीछे छोड़ गए, लेकिन अपने दिल में रामायण लेकर आए। वे सिर्फ प्रवासी नहीं थे, बल्कि प्राचीन सभ्यता के संदेशवाहक थे। आपने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध किया है।’
25 साल पहले की अपनी यात्रा को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘उस समय हम ब्रायन लारा के कवर ड्राइव और पुल शॉट की प्रशंसा करते थे। आज सुनील नारायण और निकोलस पूरन युवाओं में वही उत्साह भरते हैं। तब से हमारी दोस्ती और भी मजबूत हुई है।’
उन्होंने यह भी कहा, ‘बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली भारत के शहर हैं, लेकिन वे यहां की सड़कों के नाम भी हैं। नवरात्रि, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी यहां उत्साह और गर्व के साथ मनाई जाती है। चौताल और बैतूल गण आज भी यहां फल-फूल रहे हैं।’
मेष: दिन शुभ रहेगा...