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9/11 के बाद उभरे नस्लवाद के खिलाफ पेश किया प्रस्ताव

September 11, 2023

9/11 के बाद उभरे नस्लवाद के खिलाफ पेश किया प्रस्ताव

वाशिंगटनः भारतीय-अमेरिकी प्रमिला जयपाल सहित सांसदों के एक समूह ने 11 सितम्बर 2001 आतंकवादी हमले के बाद दक्षिण एशियाई, सिख, अरब, मुस्लिम और मध्य-पूर्वी समुदायों के खिलाफ नफरत, ज़ेनोफोबिया और नस्लवाद की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया है। अमेरिका के इतिहास में सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक की 22वीं बरसी से पहले 9 सितंबर को इस हमले के बाद उभरे नश्लवाद से पीड़ितों के समर्थन में सिफारिशें सामने रखी गईं। जयपाल ने कहा, ‘इस दिन ने हमारे देश को पूरी तरह से बदल दिया और इसका प्रभाव अभी भी महसूस किया जाता है। जैसा कि हम इस दुखद दिन को चिह्न्ति करते हैं, हमें इसके बाद अरब, मुस्लिम, मध्य पूर्वी, दक्षिण एशियाई और सिख समुदायों को हुए स्थायी नुकसान पर भी विचार करना चाहिए।‘

उन्होंने कहा, ‘हमले के बाद बलबीर सिंह सोढ़ी, वकार हसन और एडेल कारस की हत्याएं नफरत का चौंकाने वाला प्रदर्शन है। ज़ेनोफोबिया और नस्लवाद का इस देश में कोई स्थान नहीं है, और आज हम उस साझा आघात कलंक, भेदभाव और स्वतंत्रता की हानि को पहचानते हैं जो इन समुदायों ने अनुभव किया है।’’ प्रस्ताव में सरकारी नीतियों की समीक्षा करने, उनके प्रभाव की जांच करने और दस्तावेजीकरण करने और उन नीतियों को खत्म करने के लिए समुदाय-आधारित संगठनों के साथ काम करने के लिए एक अंतर-एजेंसी टास्क फोर्स के निर्माण का आह्वान किया गया, जो इन समुदायों को प्रोफाइल करने और गलत तरीके से लक्षित करने के लिए जारी है। इसने समुदाय-आधारित संगठनों के परामर्श और केंद्रीकरण में इस अंतरएजेंसी टास्क फोर्स के निष्कर्षों और सिफारिशों का पता लगाने के लिए कांग्रेस और नागरिक अधिकार निकायों द्वारा सुनवाई का भी आह्वान किया।

प्रस्ताव में कानून प्रवर्तन से बाहर और स्वतंत्र समुदाय-आधारित संगठनों को संसाधन आवंटित करने का समर्थन किया गया, जो घृणा अपराध की रोकथाम और घृणा और राज्य हिंसा के पीड़ितों की जरूरतों का समर्थन करने के लिए इन समुदायों के अनुभवों और मांगों को केंद्र में रखते हैं। कांग्रेस सदस्य इल्हान उमर ने जयपाल के साथ प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, ‘इन हमलों के मद्देनजर देश भर में मुस्लिम, अरब, सिख और दक्षिण एशियाई अमेरिकियों को संदेह की दृष्टि से देखा गया, परेशान किया गया और यहां तक कि उनकी पहचान के आधार पर हिरासत में भी लिया गया।‘ उमर ने कहा, ‘जैसा कि हम इन भयावह हमलों की बरसी मना रहे हैं, हमें इन गलतियों से सीखना चाहिए, यह संकल्प इन पिछले नुकसानों को स्वीकार करने और ठीक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहला कदम है।‘

कानून प्रवर्तन और परिवर्तनकारी न्याय कार्यक्रमों के लिए ऐसे विकल्प बनाना, जो सांस्कृतिक और भाषाई रूप से सुलभ हों और इन समुदायों के भीतर कमजोर आबादी पर ध्यान केंद्रित करें, कुछ अन्य चीजें थीं, जिन पर प्रस्ताव का आह्वान किया गया था। इसके अलावा, प्रस्ताव में स्वास्थ्य और मानव सेवा सचिव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान और राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन से नफरत, सरकारी लक्ष्यीकरण, राजनीतिक बयानबाजी और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रोफाइलिंग के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया गया। अरब, मुस्लिम, मध्य पूर्वी, दक्षिण एशियाई और सिख समुदायों ने अमेरिका में लंबे समय से भेदभाव और हिंसा का अनुभव किया है, जो कथित तौर पर 11 सितम्बर 2001 आतंकवादी हमले के बाद के बाद तेज हो गया है।

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