
इंटरनेशनल डेस्क: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुने जाने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि मोजतबा अपने पिता अली खामेनेई के काम को सम्मान के साथ आगे बढ़ाएंगे और कठिन परिस्थितियों में ईरानी जनता को एकजुट रखेंगे।

दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही ईरान की राजनीति में नए सर्वोच्च नेता को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। कई नाम सामने आए, लेकिन अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई का नाम सबसे आगे चल रहा था। अब उनके नेतृत्व को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उन चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने सबसे पहले मोजतबा खामेनेई को बधाई दी। क्रेमलिन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में पुतिन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मोजतबा अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए देश को मजबूत नेतृत्व देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मुश्किल हालात में ईरानी समाज को एकजुट रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।
पुतिन ने अपने संदेश में यह भी साफ किया कि रूस, ईरान के साथ अपने मजबूत रिश्तों को आगे भी बनाए रखेगा। तेहरान के लिए रूस का समर्थन पहले की तरह जारी रहेगा और दोनों देशों की दोस्ती और सहयोग और मजबूत होगा। पुतिन के इस बयान को अमेरिका के दबाव की परवाह किए बिना ईरान के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

इधर अमेरिका की ओर से इस मुद्दे पर सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के नए नेता का चयन अमेरिका की मंजूरी के बिना ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा। उन्होंने मोजतबा खामेनेई को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे अमेरिकी हितों के खिलाफ जाते हैं तो उनके लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है।
ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईरान के अगले नेता को वॉशिंगटन की मंजूरी लेनी होगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं टिक पाएंगे। अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, जिसमें हर दस साल बाद फिर से तनाव और टकराव की स्थिति पैदा हो जाए।
ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। रूस जहां खुलकर ईरान के नए नेतृत्व का समर्थन करता दिखाई दे रहा है। वहीं अमेरिका का रुख अब भी सख्त नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान के नए नेतृत्व के साथ वैश्विक ताकतों के रिश्ते किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।