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अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा उद्योग का तेज विकास

वैश्विक आदान-प्रदान बढ़ने के चलते अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा उद्योग का तेज विकास कायम रहा। चीन में बहुत से माता-पिता अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ाई करने के लिए भेजना चाहते हैं। इसके अनुरूप, वर्ष 2024 पेइचिंग अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा और विदेशी अध्ययन प्रदर्शनी 15 से 17 मई तक राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित होगी।

प्रदर्शनी में बीस से अधिक देशों और क्षेत्रों के तमाम विश्वविद्यालय और अध्ययन एजेंसियां शामिल होंगे, जो परिवार अपने बच्चों को पढ़ाई करने के लिए विदेश भेजना चाहते हैं, प्रदर्शनी में संबंधित सभी जानकारियां मिलेंगी।

कोविड-19 महामारी की वजह से विदेशों में पढ़ाई पर बड़ा असर पड़ा। महामारी की स्थिति बेहतर होने के चलते वर्ष 2022 से 2023 के आवेदन सीजन में विदेशों में पढ़ाई के लिए आवेदकों की संख्या में 63 प्रतिशत का इजाफा हुआ। वर्ष 2023 में आवेदकों की संख्या में काफी बड़ी बढ़ोतरी हुई। विदेश में अध्ययन बाजार पूरी तरह से बहाल हो गया है।

इसके साथ चीनी छात्रों के लिए विदेशों में पढ़ाई के गंतव्य देश विविध हो गए हैं। इससे पहले चीनी छात्र ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों में पढ़ाई करना चाहते हैं। अब जापान और मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड व इंडोनेशिया जैसे आसियान देश भी चीनी छात्रों को आकर्षित करते हैं। आंकड़ों के अनुसार अब करीब एक लाख चीनी विद्यार्थी दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में पढ़ाई करते हैं। यह संख्या साल दर साल बढ़ रही है।

वहीं, वैश्वीकरण और शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण के चलते अधिकाधिक विदेशी छात्र चीन में पढ़ाई करने आते हैं। चीन में तेज आर्थिक विकास, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, चीनी संस्कृति का आकर्षण और चीन का बढ़ता अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव विदेशी छात्रों को आकर्षित करता है। विदेशी छात्र न सिर्फ चीन में अपनी पढ़ाई करते हैं, बल्कि चीनी संस्कृति की जानकारी भी ले सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा मंच पर चीन का प्रभाव बढ़ने के चलते भविष्य में और ज्यादा विदेशी छात्र चीन में पढ़ाई जारी रखेंगे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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