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सुधार और खुलापन: चीन के उदय के 40 वर्ष

Reform and Opening Up

Reform and Opening Up

Reform and Opening Up : जब से चीन ने 18 दिसंबर, 1978 को सुधार नीति और खुलेपन की शुरुआत की है, तब से देश में उल्लेखनीय परिवर्तन हुए हैं। इस प्रक्रिया ने न केवल चीन को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है, बल्कि दुनिया को भी प्रभावित किया है।

आर्थिक परिवर्तन:

चीन एक नियोजित अर्थव्यवस्था से बाजार-उन्मुख अर्थव्यवस्था में बदल गया है। इसकी जीडीपी 1978 में 364.5 अरब युआन से बढ़कर 2020 में 100 खरब युआन से अधिक हो गई है, जिससे चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है, जिससे जीवन स्तर में काफी सुधार हुआ है। जैसे-जैसे “मेड इन चाइना” वाक्यांश वैश्विक विनिर्माण का पर्याय बन गया है, देश ने खुद को “दुनिया की फैक्ट्री” के रूप में स्थापित किया है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति:

चीन ने एयरोस्पेस, हाई-स्पीड रेल और 5G संचार प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सफलताएँ हासिल की हैं। उल्लेखनीय रूप से, छांग’अ-5 ने सफलतापूर्वक चाँद की मिट्टी एकत्र की, और चीन का हाई-स्पीड रेल नेटवर्क 46,000 किलोमीटर से अधिक फैला हुआ है, जो कुल वैश्विक हाई-स्पीड रेल माइलेज का दो-तिहाई है।

बढ़ता अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव:

चीन की अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में, चीन वैश्विक शासन में सक्रिय रूप से भाग लेता है। “बेल्ट एंड रोड” पहल ने 100 से अधिक देशों से प्रतिक्रियाएँ प्राप्त की हैं, जिससे वैश्विक अवसंरचना विकास में सुविधा हुई है। इसके अतिरिक्त, चीन जलवायु परिवर्तन से निपटने और महामारी की रोकथाम के प्रयासों के समन्वय में महत्वपूर्ण है।

सांस्कृतिक प्रभाव:

चीनी संस्कृति अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त कर रही है। दुनिया भर में कन्फ्यूशियस संस्थानों की स्थापना ने चीनी सांस्कृतिक मूल्यों को फैलाने में मदद की है, जबकि चीनी फ़िल्में, संगीत और साहित्य वैश्विक स्तर पर तेज़ी से प्रभावशाली होते जा रहे हैं।

चीन ने पिछले 40 वर्षों में सुधार और खुलेपन के मामले में असाधारण प्रगति की है। हालाँकि, यह अभी भी असंतुलित और अपर्याप्त विकास जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, क्योंकि यह समाजवाद के प्राथमिक चरण में बना हुआ है। भविष्य की ओर देखते हुए, चीन का लक्ष्य अपने सुधारों को गहन करते हुए वैश्विक शांति और विकास में अपना योगदान जारी रखना है।

(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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