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India और Russia के बीच रिश्ते ‘बहुत ज्यादा स्थिर’ : S. Jaishankar

September 27, 2023

India और Russia के बीच रिश्ते ‘बहुत ज्यादा स्थिर’ : S. Jaishankar

न्यूयॉर्कः विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के संबंध ‘बहुत, बहुत ज्यादा स्थिर’ बने हुए हैं और संबंध ऐसे ही बने रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए ‘हम काफी सावधानी बरतते हैं’। विदेशी संबंधों से जुड़ी एक परिषद में बातचीत के दौरान जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि फरवरी 2022 में यूक्रेन में युद्ध के कारण रूस के यूरोप तथा पश्चिमी देशों के साथ संबंधों पर ‘इतना गंभीर असर’ पड़ा है कि वह अब वास्तव में एशिया तथा दुनिया के अन्य हिस्सों की ओर हाथ बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत-रूस के रिश्ते वास्वत में बहुत ज्यादा स्थिर हैं।’’ उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते सोवियत काल और सोवियत के बाद के काल से बने हुए हैं।

जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र को संबोधित करने के बाद कहा, ‘‘मुझे लगता है कि दोनों देशों में यह समझ है कि एशियाई महाद्वीप की बड़ी शक्तियों के रूप में साथ आने के लिए हमारे पास एक तरह का संरचनात्मक आधार है। इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए हम काफी सावधानी बरतते हैं कि रिश्ते बने रहे।’’ विदेश मंत्री ने कहा कि रूस ने ऐतिहासिक रूप से अपने आप को यूरोपीय शक्ति के रूप में देखा है, भले ही वह यूरोप और एशिया दोनों में फैला हुआ है। उन्होंने यूक्रेन पर हमला करने के लिए रूस पर अमेरिकी की अगुवाई में प्रतिबंधों के संदर्भ में कहा, ‘‘साल 2022 के बाद से यूरोप और पश्चिमी देशों के साथ रूस के संबंधों पर इतना गंभीर असर पड़ा है कि वह अब वास्तव में एशिया तथा दुनिया के अन्य हिस्सों की ओर रुख कर रहा है लेकिन मुख्य रूप से एशिया की ओर क्योंकि वहां काफी आíथक गतिविधि है और वह एशियाई शक्ति भी है, भले ही उसने खुद को मुख्य रूप से उस रूप में हमेशा नहीं देखा है।’’

उन्होंने कहा, कि ‘मेरा अनुमान यह होगा कि रूस वैकल्पिक रिश्ते बनाने के लिए जोरदार ढंग से प्रयास करेगा जिनमें से ज्यादातर रिश्ते एशिया में होंगे। यह अर्थशास्त और व्यापार, संभवत: अन्य क्षेत्रों में दिखेगा।’’ जयशंकर ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि इसमें रूस-चीन का एक विशेष स्थान होगा लेकिन मैं यह भी कहूंगा कि रूस के साथ हमारे अपने संबंध 50 के दशक से ही अत्यधिक स्थिर रहे हैं। अगर आप विश्व राजनीति के पिछले 70 वर्षों पर गौर करें तो अमेरिका-रूस, रूस-चीन, यूरोप-रूस, लगभग इनमें से हर एक रिश्ते में बड़े उतार-चढ़ाव आए हैं। इन संबंधों में बहुत बुरा और अच्छा वक्त रहा है लेकिन भारत-रूस संबंध वास्तव में बहुत, बहुत ज्यादा स्थिर रहे हैं।’’

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