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शोध रिपोर्ट: आसियान और चीन-जापान-दक्षिण कोरिया क्षेत्रीय उत्पादन नेटवर्क में एक प्रमुख केंद्र बना चीन

Research Report

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इंटरनेशनल डेस्क : आसियान प्लस चीन-जापान-दक्षिण कोरिया मैक्रोइकॉनॉमिक रिसर्च ऑफिस द्वारा 6 अप्रैल को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 20 वर्षों में चीन इस क्षेत्र के उत्पादन नेटवर्क में एक “प्रमुख केंद्र” बन गया है। इस संगठन ने अपनी 2026 आसियान प्लस चीन-जापान-दक्षिण कोरिया क्षेत्रीय आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा है कि पिछले 20 वर्षों में आसियान प्लस चीन-जापान-दक्षिण कोरिया के क्षेत्रों की आर्थिक संरचना में एक मौलिक परिवर्तन हुआ है। यह परिवर्तन क्षेत्र के लचीलेपन के लिए एक प्रमुख आधार बन गया है।

 रिपोर्ट में कहा गया है कि आपूर्ति पक्ष की ओर से क्षेत्रीय उत्पादन नेटवर्क में व्यापक विकास हुआ है। “यह नेटवर्क, जो मूल रूप से जापान पर केंद्रित था, अब चीन को अपने स्तंभ के रूप में लेते हुए एक सघन और अधिक परस्पर जुड़े ढांचे में परिवर्तित हो गया है।” यह चीन की “विस्तारित विनिर्माण क्षमता, लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे और मध्यवर्ती वस्तुओं के व्यापार में प्रमुख स्थिति” के कारण संभव हुआ है। यह आपूर्ति श्रृंखला सम्बंध “चीन पर एकतरफा निर्भरता के बजाय परस्पर निर्भर और सहजीवी है।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि मांग के दृष्टिकोण से, पिछले 20 वर्षों में, आसियान क्षेत्र और चीन-जापान-दक्षिण कोरिया क्षेत्र के भीतर मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो वैश्विक अंतिम-उपभोक्ता मांग का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। 2022 में, इसकी कुल मांग अमेरिका की मांग से अधिक हो गई। यह बदलाव मुख्य रूप से इस क्षेत्र और वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख उपभोक्ता के रूप में चीन के उदय के कारण हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में वृद्धि व्यापार और उत्पादन नेटवर्क को बढ़ावा देती है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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