27 अक्तूबर की सुबह भारतीय एयरलाइंस इंडिगो की 6 ई 1703 यात्री विमान सुचारू रूप से दक्षिण चीन के क्वांगचो शहर के पाईयुन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा। इसका प्रतीक है कि पाँच साल से अधिक समय में स्थगित चीन की मुख्य भूमि और भारत के बीच सीधी वायु सेवा औपचारिक रूप से बहाल हुई है, जो चीन-भारत सम्बंध के सुधार में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है।
बता दें कि इंडिगो 10 नवंबर से दिल्ली और क्वांगचो के बीच सीधी उड़ान भी शुरू करेगी जिसमें एक दिन में एक फ्लाइट चलेगी। चाइना ईस्टर्न एयरलाइन 9 नवंबर से शांगहाई और दिल्ली के बीच सीधी उड़ान खोलेगी,जिसमें एक हफ्ते में तीन फ्लाइट्स होंगी। ख़बर है कि एयर इंडिया, चाइना एयरलाइंस और चाइना सदर्न एयरलाइंस भारत और चीन के बीच वायु सेवा फिर खोलने की तैयारी कर रही हैं।
दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान की बहाली से एक दूसरे देश जाने वाली यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। मसलन अगर कोई विमान से कोलकाता से तीसरे देश के जरिये क्वांगचो जाता है, तो सबसे कम समय करीब 9 घंटे लगते हैं, लेकिन अब इंडिगो की फ्लाइट से सिर्फ साढ़े तीन घंटे में क्वांगचो पहुंचा जा सकेगा। वर्तमान में दिल्ली से पेइचिंग जाने के लिए सबसे तेज फ्लाइट में 11 घंटों से अधिक समय लगता है। जब पेइचिंग और दिल्ली के बीच सीधी उड़ान बहाल होगी, तो उड़ान समय करीब 7 घंटे होगा। अधिक सीधी उड़ानों की बहाली से टिकट की कीमतों में कमी आने की संभावना भी होगी।
निस्संदेह दोनों देशों के नागरिक उड्डन उद्योग सीधी उड़ान की बहाली के प्रत्यक्ष लाभार्थी हैं। इंडिगो एयरलाइन अब भारत की सब से बड़ी एयर कंपनी है। इधर कुछ साल उसके तेज विकास का रुझान बना रहा है। अंतर्राष्ट्रीय एयर सेवा बाजार में अपनी मौजूदगी का विस्तार करना उसकी एक अहम रणनीति है। चीनी बाजार से जुड़ना उसके लिए बड़ी अहमियत रखता है। उसके वैश्विक बिक्री विभाग के प्रमुख विनय मल्होत्रा ने मीडिया को बताया था कि हम दिल्ली, कोलकाता और क्वांग चो के बीच दैनिक सीधी उड़ान चलाने पर बहुत खुश हैं। इस कदम के साथ इंडिगो क्वांग चो के ज़रिये चीन के विशाल घरेलू और विकसित हो रहे अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ता है, यहां तक कि भारत और विश्व के बीच संपर्क मजबूत किया जाएगा।
चाइना ईस्टर्न एयरलाइन अब रूट नेटवर्क का समायोजन कर रहा है। घरेलू बाजार का दोहन करने के साथ उसने एक नयी रणनीति प्रस्तुत की है कि हम अधिक दूर तक उड़ान भरें, अधिक देशों में उड़ान भरें और नवोदित बाजारों में उड़ान भरें। भारतीय बाजार की बहाली उसकी नयी रणनीति के कार्यांवयन में एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा भारतीय बाजार से जुड़ने से शांगहाई फुतुंग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के अंतर्राष्ट्रीय ट्रांजिट हब के स्थान को मजबूती मिलेगी। क्योंकि बहुत भारतीय यात्री शांगहाई से होकर जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा व अमेरिका जाते हैं।
सीधी उड़ान की बहाली के साथ चीन और भारत के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन, सभा व प्रदर्शनी व्यवसाय, व्यापार और आर्थिक सहयोग आदि क्षेत्रों को बढ़ावा भी मिलेगा। भारतीय टूअर आप्रेटर्स संघ का अनुमान है कि आने वाले एक या डेढ़ साल में चीन से आने वाले यात्रियों की संख्या में 20 या 25 प्रतिशत वृद्धि होने की बड़ी संभावना है। अवश्य यह वीज़ा सरलीकरण और प्रमोशन अभियान पर भी निर्भर रहता है। भारतीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत में कई टूरिज्म एजेंसियां चीनी यात्रियों के स्वागत के लिए तैयारियां कर रही हैं। वे क्यूरेटिंग आईटिनरी, डिजिटल बुकिंग प्लेटफोर्म की उन्नति, चीनी टूरिज्म साथियों के साथ सलाह मशविरे में मशगूल हैं।
स्थानीय विश्लेषकों के विचार में चीन और भारत के बीच सीधी उड़ान की बहाली दोनों पक्षों द्वारा सक्रियता व संजीदगी से दोनों देशों के नेताओं के बीच संपन्न समानताएं के कार्यांवयन का ताजा प्रतिबिंब है। इससे जाहिर है कि दोनों पक्षों का पारस्परिक राजनीतिक विश्वास बढ़ रहा है और दोनों पक्ष एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। उड़ान की बहाली पूरा करना न सिर्फ तकनीकी स्तर के घनिष्ठ संवाद और बंदोबस्त का परिणाम है, उसके पीछे राजनीतिक फैसले की ज़रूरत है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)