Last Updated: September 17, 2026

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HIV के बढ़ते मामलों से फिजी में हड़कंप, सरकार ने घोषित किया स्वास्थ्य आपातकाल

September 17, 2026

HIV के बढ़ते मामलों से फिजी में हड़कंप, सरकार ने घोषित किया स्वास्थ्य आपातकाल

सुवा: प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश फिजी में एचआईवी संक्रमण दर तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया गया है। देश में संक्रमण की स्थिति गंभीर होने के बीच सरकार ने रोकथाम, जांच और उपचार के प्रयासों को तेज करने का फैसला किया है।

HIV मामलों में जबरदस्त वृद्धि

फिजी में एचआईवी संक्रमण के मामलों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान जबरदस्त वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2025 में देश में एचआईवी के 2,016 नए मामले सामने आए, जबकि 2024 में यह संख्या 1,583 थी। यानी एक साल में नए मामलों में करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

स्वास्थ्य आपातकाल घोषित 

फिजी के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा मंत्री डॉ. राटु एटोनियो लालाबालावु ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा करते हुए कहा कि संक्रमण की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए तत्काल और समन्वित कदम उठाने की जरूरत है।

एफबीसी न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिजी में एचआईवी संक्रमण बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें असुरक्षित यौन संबंध, नशीली दवाओं को इंजेक्शन के जरिए लेने के दौरान संक्रमित सुइयों का इस्तेमाल, एचआईवी की कम जांच और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच शामिल हैं।

देश में मेथामफेटामाइन जैसी नशीली दवाओं के इस्तेमाल में वृद्धि को लेकर भी चिंता जताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों के बीच संक्रमण फैलने का जोखिम अधिक है। संक्रमित सुइयों और सिरिंज के साझा इस्तेमाल से एचआईवी फैल सकता है।

2010 से 2025 के बीच 12 गुना वृद्धि- यूएनएड्स 

संयुक्त राष्ट्र की एड्स संबंधी एजेंसी यूएनएड्स के मुताबिक, फिजी में वर्ष 2010 से 2025 के बीच नए एचआईवी संक्रमणों में करीब 12 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में देश में अनुमानित 9,100 लोग एचआईवी के साथ रह रहे थे। हालांकि, इनमें से बड़ी संख्या में लोगों को अपने संक्रमित होने की जानकारी नहीं थी।

यूएनएड्स के अनुसार, एचआईवी से संक्रमित लोगों की जांच और उपचार तक पहुंच बढ़ाना इस संकट से निपटने के लिए बेहद जरूरी है। समय पर जांच और एंटीरेट्रोवायरल उपचार से संक्रमित लोगों को स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिल सकती है। प्रभावी उपचार से शरीर में वायरस की मात्रा इतनी कम की जा सकती है कि वह जांच में पता न चले और यौन संपर्क के जरिए संक्रमण फैलने का जोखिम समाप्त हो जाता है। फिजी सरकार ने एचआईवी की मुफ्त, स्वैच्छिक और गोपनीय जांच का दायरा बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके साथ ही संक्रमण की रोकथाम, उपचार और जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सरकार इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए सुई और सिरिंज उपलब्ध कराने वाले कार्यक्रम शुरू करने पर भी विचार कर रही है। इसके अलावा, एचआईवी से बचाव के लिए प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस जैसी दवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ाने की योजना है। फिजी सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच मंत्रियों वाली कैबिनेट उपसमिति का गठन किया है। यह समिति एचआईवी की रोकथाम और उपचार से जुड़े नीतिगत तथा व्यावहारिक अवरोधों को दूर करने के उपायों पर काम करेगी।

यूएनएड्स निदेशक ने किया फैसले का स्वागत 

यूएनएड्स की कार्यकारी निदेशक विनी बयानीमा ने फिजी के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति याद दिलाती है कि दुनिया में एड्स का संकट अभी समाप्त नहीं हुआ है और एचआईवी के प्रसार को रोकने के लिए निरंतर प्रयासों की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ सामान्य सामाजिक संपर्क, हाथ मिलाने, गले मिलने या साथ खाना खाने से नहीं फैलता। संक्रमण के संबंध में जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक भेदभाव को कम करना भी रोकथाम के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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