कीव: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई फोन बातचीत के कुछ ही घंटों बाद रूस ने यूक्रेन पर एक और बड़ा ड्रोन हमला कर दिया। गुरुवार देर रात उत्तरी यूक्रेन के प्रिलुकी शहर में हुए हमले में एक वर्षीय बच्चे सहित पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हमला ऐसे वक्त में हुआ जब कूटनीतिक प्रयासों की उम्मीदें जाग रही थीं, लेकिन जमीन पर तस्वीर एक बार फिर खून से लाल हो गई।
चेरनिहिव क्षेत्र के गवर्नर वियाचेस्लाव चौस ने पुष्टि की कि गुरुवार तड़के ईरानी निर्मित शाहेद श्रेणी के छह ड्रोन ने प्रिलुकी के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। इन हमलों में कम से कम छह लोग घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले से कई अपार्टमेंट ध्वस्त हो गए, और पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई।
-रूसी ड्रोन हमले ने मचाई तबाही
हमले के कुछ ही घंटों बाद, पूर्वी यूक्रेन के खारकीव शहर में भी रूसी ड्रोन हमले ने तबाही मचाई। क्षेत्रीय प्रमुख ओलेह सिनीहुबोव ने बताया कि स्लोबिदस्की जिले में हुए हमले में 17 लोग घायल हो गए, जिनमें बच्चे, एक गर्भवती महिला और 93 वर्षीय एक वृद्धा भी शामिल हैं। रात करीब 1:05 बजे हुए इन हमलों में दो अपार्टमेंट जलकर खाक हो गए और दर्जनों निजी वाहन नष्ट हो गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला राजनीतिक संदेश देने के मकसद से भी किया गया हो सकता है। इससे कुछ ही घंटे पहले ट्रंप और पुतिन के बीच हुई फोन वार्ता की खबर सामने आई थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि पुतिन ने उन्हें यूक्रेन के हालिया ड्रोन हमलों का “कड़ा जवाब” देने की बात कही थी। हालांकि ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत शांति की ओर ठोस कदम नहीं थी, लेकिन उन्होंने इसे “एक अच्छी चर्चा” बताया।
ट्रंप की यह टिप्पणी भी खास है क्योंकि यह पहली बार है जब उन्होंने रूस के अंदर हुए यूक्रेनी हमलों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया दी है।
-ताजा हालात और आगे की राह
यूक्रेन में बढ़ते हमलों के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लगातार हो रहे ड्रोन हमलों से यूक्रेनी शहरों में दहशत का माहौल है, खासकर रिहायशी क्षेत्रों पर निशाना बनाए जाने से।
एक ओर जहां वैश्विक नेता बातचीत और कूटनीतिक समाधान की कोशिशों में लगे हैं, वहीं जमीनी हकीकत में मौत और विनाश की तस्वीरें सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में यह देखा जाना अहम होगा कि अमेरिका और पश्चिमी देश इस स्थिति पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं और क्या यह युद्ध एक निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है।
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