Site icon Dainik Savera Times

Russia Ukraine War: पोलैंड की सीमा के पास रूस का हाइपरसोनिक हमला, शहर में मची भारी तबाही

Russia launches hypersonic attack near Polish border

Russia launches hypersonic attack near Polish border

इंटरनेशनल डेस्क: यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध लगातार भयानक रूप ले रहा है और फिलहाल कोई शांति की संभावना नजर नहीं आ रही। ताजा घटनाओं में रूस ने अपनी घातक हाइपरसोनिक मिसाइल “ओरशेनिक” का इस्तेमाल करते हुए यूक्रेन के एक शहर पर हमला किया, जो पोलैंड की सीमा के बेहद करीब है।

रूस की ओर से हाइपरसोनिक मिसाइल का खतरा

ओरशेनिक मिसाइल को रूस की सबसे खतरनाक मिसाइलों में से एक माना जाता है। यह मिसाइल आवाज की गति से दस गुना तेज़ है और इसे रोकना लगभग असंभव माना जाता है। इसकी रेंज लगभग 5,000 किलोमीटर है, जिससे यह पूरे यूरोप के बड़े हिस्सों को निशाना बना सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी विशाल रेंज और घातक शक्ति वाली मिसाइल से बड़े इलाके में भारी तबाही मच सकती है।

ये भी पढ़ें: दिल्ली में TMC का धरना: अमित शाह कार्यालय के बाहर किया विरोध प्रदर्शन

रूस का यूक्रेनी शहर पर कब्जा

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि रूस की सेना ने यूक्रेन के एक और शहर ल्वीव पर कब्जा कर लिया है। इस हमले से पहले ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी थी। उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने का आग्रह किया।

कीव और ल्वीव पर भी हमले

रूस की ओर से कीव पर भी हमले किए गए, जिसमें कम से कम 3 लोगों की मौत और 16 अन्य घायल हुए। कीव के मेयर विटाली क्लित्स्को ने बताया कि इन हमलों की वजह से राजधानी के कई हिस्सों में पानी और बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई है। पश्चिमी शहर ल्वीव में भी मिसाइल हमले किए गए, जिससे स्थानीय नागरिकों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

ये भी पढ़ें: लोगों पर कहर बनकर टूटा हाथी, अब तक 19 लोगों को सुला चुका है मौत की नींद 

रूस ने सर्दी का फायदा उठाने की ठानी

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस ने यह हमला सर्दियों के मौसम का फायदा उठाकर किया। भारी बर्फबारी और फिसलन भरी सड़कों के कारण राहत कार्य और नागरिक जीवन और मुश्किल हो गया है। बिजली की आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। यूक्रेन में युद्ध की ये घटनाएँ दुनिया भर के नेताओं और नागरिकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

Exit mobile version