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रूस से तेल खरीद पर भारत को बड़ी राहत! ट्रंप ने 100% टैरिफ वाले कानून पर दी ढील, डीजल समझौते के बीच बदला अमेरिका का रुख

Donald trump Russia oil purchase

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Russia oil purchase: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी ईंधन की बिक्री से संबंधित कई प्रतिबंधों में छूट दे दी है, जिन्हें लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट के तहत लागू किया जाना था। यह छूट विधेयक पर हस्ताक्षर करने के एक महीने बाद दी गई है।

इस कानून को फिलहाल रोक दिया गया है। इसके तहत अमेरिका में उन पांच देशों से आयात होने वाली वस्तुओं पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाना था, जो रूसी कच्चे तेल या गैस के सबसे बड़े पांच आयातक हैं। इनमें भारत और चीन भी शामिल हैं।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिका में नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और इसी पृष्ठभूमि में रूस के साथ डीजल आपूर्ति का समझौता हुआ है।

ग्राहम एक्ट की धारा 115 का इस्तेमाल
ट्रंप ने ग्राहम एक्ट की धारा 115 का इस्तेमाल किया, जो राष्ट्रपति को किसी विदेशी व्यक्ति के संबंध में प्रतिबंधों के किसी भी प्रावधान को लागू करने से छूट देने, किसी व्यक्ति पर लगाए गए प्रतिबंधों में छूट देने और कानून के तहत किसी भी शुल्क को माफ करने का अधिकार देती है।

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ट्रंप ने आदेश में कहा, “मैंने कांग्रेस को प्रमाणित किया है कि इस तरह की छूट देना संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। साथ ही, ग्राहम एक्ट की धारा 115(b) के अनुरूप, मैंने इस प्रमाणन के आधार को स्पष्ट करने वाली एक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की है।”

100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का था प्रावधान
उन्होंने कानून की धारा 112 और 113 के तहत निर्धारित किसी भी शुल्क को लागू करने से छूट दी है। इन धाराओं के तहत ट्रंप को रूस से अमेरिका में आयात होने वाली सभी वस्तुओं पर शुल्क की दर बढ़ाकर 500 प्रतिशत तक करने का अधिकार था। इसके अलावा, रूसी मूल के कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े आयातक देशों से अमेरिका में आने वाली वस्तुओं पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रावधान भी था।

यह घटनाक्रम ट्रंप द्वारा रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौते की घोषणा के बाद सामने आया है। इस समझौते के तहत उन्होंने कहा था कि रूस तत्काल 3,00,000 टन से अधिक डीजल ईंधन की आपूर्ति करेगा। इसके बाद नवंबर के दौरान 5,00,000 टन और फिर उसके तुरंत बाद 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी।

30 लाख टन डीजल की अतिरिक्त आपूर्ति
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि इसके बाद कम समय में 30 लाख टन डीजल की अतिरिक्त आपूर्ति की जाएगी। हालांकि, यह रूस की डीजल रिफाइनरियों की स्थिति पर निर्भर करेगा। ट्रंप ने रूस के साथ हुए डीजल समझौते को एक “बड़ा सौदा” बताया है। उन्होंने डीजल की “भारी मात्रा” में आपूर्ति करने पर सहमति जताने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का धन्यवाद भी किया।

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वैश्विक बाजार में स्थिरता पर जाहिर की चिंताएं
भारत ने रूसी व्यापार पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 को लेकर अमेरिका के सामने अपनी चिंताएं जाहिर की थीं। भारत को आशंका थी कि इस कानून के तहत उस पर टैरिफ लगाया जा सकता है।

बुधवार को विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और रूस के बीच हुए डीजल समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वैश्विक बाजार में स्थिरता बनाए रखने के भारत के रुख को दोहराया।

डीजल समझौते पर टिप्पणी से इंकार
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “जहां तक डीजल समझौते का सवाल है, हम दो देशों के बीच हुए व्यावसायिक समझौतों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। हम केवल इतना कहना चाहेंगे कि हमने हमेशा वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता बनाए रखने की वकालत की है।”

अमेरिकी पक्ष के सामने रखी आपत्तियां
इसी दौरान जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत ने रूसी व्यापारिक संबंधों को निशाना बनाने वाले अमेरिकी कानूनी कदमों को लेकर अपनी आपत्तियां सीधे वॉशिंगटन के सामने रखी हैं। इनमें सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट (SRIA) भी शामिल है।

उन्होंने कहा, “हमने SRIA कानून को लेकर अपनी चिंताएं अमेरिकी पक्ष के सामने पहले ही रख दी हैं।”

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