इंटरनेशनल डेस्क : रूस के साथ जारी जंग के बीच अब यूक्रेन के लिए बुरी खबर सामने आई है। दरअसल अमेरिका ने अब यूक्रेन को दिए जाने वाले खास हथियारों की सप्लाई पर बैन लगा दिया है। अब यूक्रेन को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, एयर डिफेंस सिस्टम और तोप के गोलों की आपूर्ति नहीं मिलेगी। यह फैसला अमेरिका ने उस समय लिया है, जब यूक्रेनी शहरों पर रूसी हमले तेज हो चुके हैं।
रूस ने अपनी मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिए हाल ही में एक बड़ा हमला यूक्रेन के ऊपर किया था। अगर यूक्रेन को जंग में रूस का मुकाबला करना है तो उसे अमेरिकी हथियारों की जरूरत है। पॉलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने यह फैसला लिया है। लगातार यूक्रेन को हथियारों की खेप भेजे जाने की वजह से अमेरिका के हथियारों का भंडार खाली हो रहा है।
खाली हो रहा है अमेरिका का भंडार
हाल ही में पेंटागन ने अपने भंडार की समीक्षा की थी, जिसमें पता लगा कि अमेरिकी हथियारों की संख्या में निरंतर गिरावट आ रही है। इसके बाद अब यूक्रेन को भेजे जाने वाले PAC3 पैट्रियट सिस्टम, GMLRS, 155MM आर्टिलरी राउंड, स्टिंगर, हेलफायर मिसाइलों और AIM-7 की खेप को रोक दिया गया है।
अमेरिका ने जिन मिसाइलों की खेप रोके जाने का ऐलान किया है, उनको F-16 की मदद से यूक्रेन रूस के ऊपर टारगेट करता है। ये मिसाइलें डिफेंस के लिए भी काम आती हैं। रूस ने हाल ही में यूक्रेन पर 477 ड्रोन दागे थे। कई शहरों पर मिसाइलों से हमला किया गया था।
यूक्रेन ने जताई चिंता
ऐसे में अब दोबारा रूस ने बड़ा हमला किया तो इसका अंजाम यूक्रेन को भुगतना पड़ सकता है। ऐसे में अब यूक्रेन को फिर से रणनीति बनानी होगी। अमेरिका का फैसले के पीछे कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी हितों को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है। यूक्रेनी विशेषज्ञों ने भी अमेरिका के फैसले पर चिंता जताई है।

