ओटावा: कनाडा की एक अदालत ने देश की ‘नो फलाई’ लिस्ट से बाहर किए जाने के 2 खालिस्तानियों के प्रयास को यह कहते हुए नाकाम कर दिया कि यह संदेह करने के लिए ‘पुख्ता आधार’ हैं कि वे आतंकवादी घटना को अंजाम देने के वास्ते परिवहन सुरक्षा या हवाई यात्र के लिए खतरा होंगे। इन दोनों का नाम कनाडा के सुरक्षित विमान यात्र अधिनियम के तहत ‘नो फ्लाई’ लिस्ट में शामिल किया गया था। इससे पहले दोनों खालिस्तानियों ने इस सूची की संवैधानिकता को चुनौती दी थी और उनकी याचिका निरस्त हो गई थी। इसके बाद उन्होंने अपीलीय कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दोनों को 2018 में वैंकूवर में विमानों में चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई थी।
फैसले में कहा गया है कि यह अधिनियम सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री को लोगों को उड़ान भरने से प्रतिबंधित करने का अधिकार देता है, बशर्ते ‘यह संदेह करने का उचित आधार हो कि वे परिवहन सुरक्षा को खतरा पहुंचाएंगे या आतंकवादी घटना को अंजाम देने के लिए हवाई यात्र करेंगे।’ आदेश में कहा गया, ‘एक समय, अपीलकत्र्ताओं ने उड़ान भरने की कोशिश की, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके..उनका नाम (प्रतिबंधित) सूची में शामिल था और मंत्री ने उन्हें उड़ान न भरने देने का निर्देश दिया था।’ अपीलीय अदालत ने पाया कि गोपनीय सुरक्षा जानकारी के आधार पर मंत्री के पास ‘यह संदेह करने के लिए उचित आधार थे कि अपीलकत्र्ता आतंकवाद की घटना को अंजाम देने के लिए हवाई यात्र करेंगे।’
बराड़ और दुलाई ने वर्ष 2019 में इस सूची से अपना नाम हटाने के लिए कनाडा की संघीय अदालत का रुख किया था, लेकिन न्यायमूíत साइमन नोएल ने 2022 में उन दोनों के खिलाफ फैसला सुनाया। इस फैसले के खिलाफ दोनों ने अपीलीय अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत के फैसले पर बराड़ और दुलाई के वकीलों से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई।

