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कई देशों ने एक-चीन सिद्धांत के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई

Several countries reiterated firm commitment one-China principle

Several countries reiterated firm commitment one-China principle

हाल ही में, कई देशों की सरकारों और राजनीतिक हस्तियों ने एक बार फिर एक-चीन सिद्धांत के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने तथाकथित “थाईवान स्वतंत्रता” की किसी भी अलगाववादी गतिविधियों और चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध किया है, और राष्ट्रीय संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता की रक्षा के लिए चीनी सरकार द्वारा किए जा रहे सभी प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन किया है।

सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने कहा, “थाईवान चीन की भूमि का अभिन्न अंग है। यह सर्बिया की स्पष्ट स्थिति थी, है और आगे भी बनी रहेगी।” वहीं, इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो ने कहा कि इंडोनेशिया सरकार हमेशा से एक-चीन नीति का पालन करती रही है और चीन लोक गणराज्य की सरकार को पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र कानूनी सरकार के रूप में मान्यता देती है। उन्होंने कहा कि यह दीर्घकालिक नीति अपरिवर्तनीय है और इंडोनेशिया-चीन संबंधों की नींव का प्रमुख स्तंभ है।

कजाकिस्तान के विदेश मंत्री एर्मेक कोशेरबायेव ने कजाकिस्तान में चीनी राजदूत हान छुनलिन के साथ बैठक के दौरान कहा कि कजाकिस्तान एक-चीन सिद्धांत के प्रति अपने दृढ़ समर्थन को दोहराता है और थाईवान को चीन की भूमि का अभिन्न अंग मानता है। कजाकिस्तान राष्ट्रीय संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता की रक्षा के लिए चीनी सरकार के प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता है। ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन ने दोहराया कि ताजिकिस्तान एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से समर्थन करता है और राष्ट्रीय संप्रभुता, प्रादेशिक अखंडता की रक्षा और राष्ट्रीय एकीकरण प्राप्त करने के लिए चीनी सरकार द्वारा किए गए सभी प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता है।

सेनेगल के विदेश मंत्री शेख नियांग ने कहा कि सेनेगल एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से पालन करता है, कि चीन लोक गणराज्य की सरकार पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र कानूनी सरकार है, और थाईवान चीन की भूमि का अविभाज्य अंग है। अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर एक-चीन सिद्धांत के प्रति अपने समर्थन को दोहराया। बयान में कहा गया कि एक-चीन सिद्धांत पर अजरबैजान का रुख अडिग और स्पष्ट है।

किर्गिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी कर एक-चीन सिद्धांत के प्रति किर्गिस्तान की प्रतिबद्धता और चीन की राष्ट्रीय संप्रभुता एवं प्रादेशिक अखंडता के प्रति उसके समर्थन को दोहराया।लाओस के विदेश मंत्रालय ने थाईवान मुद्दे पर अपने रुख को दोहराते हुए एक बयान जारी किया: वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 2758 का दृढ़तापूर्वक समर्थन करता है, एक-चीन सिद्धांत का दृढ़तापूर्वक पालन करता है, थाईवान को चीन लोक गणराज्य के अविभाज्य अंग के रूप में मान्यता देता है, और अलगाववाद तथा चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के किसी भी प्रयास का विरोध करता है।

बेलारूस के विदेश मंत्रालय ने थाईवान मुद्दे पर एक बयान जारी कर कहा कि बेलारूस राष्ट्रीय एकीकरण और संप्रभुता एवं प्रादेशिक अखंडता की रक्षा के लिए चीनी सरकार द्वारा किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है। मिस्र की सोशलिस्ट पार्टी के महासचिव अहमद शाबान ने स्पष्ट किया कि थाईवान चीन के अविभाज्य अंग है। चीन को विभाजित करने का कोई भी प्रयास न केवल अवैध है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा कभी भी मान्यता प्राप्त नहीं होगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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