Site icon Dainik Savera Times

Bangladesh Violence: शरीफ उस्मान के भाई ने यूनुस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- अगर इंसाफ नहीं मिला तो…

Bangladesh Violence

Bangladesh Violence

इंटरनेशनल डेस्क: छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं और अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच शरीफ उस्मान के भाई ने उनकी मौत को साजिश करार देते हुए यूनुस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

शरीफ उस्मान के भाई उमर हादी ने कहा है कि यह सब फरवरी में प्रस्तावित आम चुनाव से पहले देश का माहौल खराब करने की एक सोची-समझी कोशिश है। उनका आरोप है कि चुनाव को टालने और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए इस पूरे मामले को जानबूझकर भड़काया जा रहा है।

उमर हादी हाल ही में ढाका के शाहबाग इलाके में चल रहे प्रदर्शनों के बीच पहुंचे। वहां उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि शरीफ उस्मान किसी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि शरीफ की हत्या कर अब इस मुद्दे को चुनाव टालने के बहाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उमर हादी ने साफ कहा कि शरीफ चाहता था कि देश में समय पर, फरवरी में चुनाव हों।

ये भी पढ़ें: मॉल में घुटने पर बैठकर गर्लफ्रेंड को किया प्रपोज! पहनाया मंगलसूत्र और मांग में भरा सिंदूर; देखें वायरल VIDEO

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि चुनावी प्रक्रिया में आ रही सभी बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए और हालात को संभालने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उमर हादी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शरीफ उस्मान को न्याय नहीं मिला, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

उमर हादी ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर भी निशाना साधा और कहा कि हत्या के आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि चुनाव प्रभावित न हों। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना था कि अगर न्याय नहीं मिला, तो सत्ता में बैठे लोगों को भी एक दिन देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

बता दें शरीफ उस्मान हादी ‘इंकलाब मोंचो’ संगठन के प्रवक्ता थे। यह संगठन 2024 में शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के बाद अस्तित्व में आया था। 12 दिसंबर को ढाका में अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने शरीफ उस्मान के सिर में गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें एयरलिफ्ट कर सिंगापुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। शरीफ उस्मान की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क उठी। कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हुए, जिनमें अखबार कार्यालयों समेत कई इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया। हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है।

ये भी पढ़ें: भारतीय लड़की की Canada में हत्या, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

Exit mobile version