10 से 11 दिसंबर तक, चीन का केंद्रीय आर्थिक कार्य सम्मेलन देश की राजधानी में आयोजित किया गया। सम्मेलन में वर्ष 2025 के लिए आर्थिक कार्यों का व्यवस्थित सारांश प्रस्तुत किया गया, वर्तमान आर्थिक स्थिति का गहन विश्लेषण किया गया और वर्ष 2026 में आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए कार्यों की व्यापक रूपरेखा तैयार की गई। यह सम्मेलन न केवल वार्षिक आर्थिक कार्यों की समीक्षा और योजना बनाने का मंच था, बल्कि एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मोड़ पर चीन की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने और दीर्घकालिक योजना बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक भी थी। अब “14वीं पंचवर्षीय योजना” का सफल समापन और “15वीं पंचवर्षीय योजना” का शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है।
सम्मेलन ने अगले वर्ष के प्रमुख आर्थिक कार्यों को स्पष्ट किया, और संस्थागत बाधाओं को दूर करने, अपनी विकास क्षमता को बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग के दायरे का विस्तार करने और गहन सुधारों व उच्च स्तरीय खुलेपन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में अन्य देशों के साथ पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को बढ़ावा देने के लिए चीन के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया।
हाल ही में, चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने पेइचिंग में नव विकास बैंक, विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष सहित दस प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संगठनों के प्रमुखों के साथ “1+10“ संवाद आयोजित किया। यह उच्च स्तरीय सामूहिक संवाद, वैश्विक अर्थव्यवस्था में गहन परिवर्तनों और अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रहे महत्वपूर्ण मोड़ पर चीन और प्रमुख वैश्विक आर्थिक शासन मंचों के बीच एक गहरा रणनीतिक तालमेल भी दर्शाता है।
बैठक का मूल संदेश स्पष्ट और सशक्त था कि चीन बाहरी दुनिया के लिए उच्च स्तरीय खुलेपन को दृढ़ता से बढ़ावा देगा, और अपने उच्च गुणवत्ता वाले विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को गहरा करने के माध्यम से वैश्विक आर्थिक शासन में सुधार और साझा विकास को बढ़ावा देने में स्थिरता और नई प्रेरित शक्ति का संचार करेगा।
वर्तमान में, वैश्विक आर्थिक सुधार की गति धीमी है, भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है, संरक्षणवाद और एकतरफावाद बढ़ रहा है, और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली चुनौतियों का सामना कर रही है। कोई भी देश इससे अप्रभावित नहीं रह सकता और न ही कमजोर विकास, असंतुलित विकास और खंडित शासन जैसी वैश्विक समस्याओं का अकेले समाधान कर सकता है।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वैश्विक शासन व्यवस्था के लिए एक पहल का प्रस्ताव रखा है, जिसमें बदलते हालातों से निपटने और समस्याओं को हल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चीनी ज्ञान और समाधान प्रदान किए गए हैं। इस पहल का मूल उद्देश्य संयुक्त परामर्श, संयुक्त निर्माण और साझा लाभ पर आधारित वैश्विक शासन व्यवस्था को बढ़ावा देना है, और बंदिशों के बजाय खुलेपन, टकराव के बजाय सहयोग और अलगाव के बजाय एकीकरण के माध्यम से सबसे बड़े “महत्तम सामान्य भाजक” की तलाश करने की वकालत करता है। यह “1+10” संवाद स्वयं इस पहल को व्यवहार में लाने और अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाने का एक जीवंत उदाहरण है।
वैश्विक आर्थिक प्रशासन में सुधार और उसे बेहतर बनाने के लिए खुलापन और सहयोग एक महत्वपूर्ण आधार हैं। चीन न केवल खुलेपन और सहयोग का समर्थक है, बल्कि इसका दृढ़ और सशक्त अभ्यासकर्ता भी है। वर्ष 2025 में, चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, चीन की अर्थव्यवस्था विकास के नए आयाम हासिल करेगी और अपने वार्षिक लक्ष्यों को पूरा करने के प्रति पूर्ण रूप से आश्वस्त है। इसके पीछे चीनी अर्थव्यवस्था की बहुआयामी लचीलापन क्षमता है। “15वीं पंचवर्षीय योजना” अवधि को देखते हुए, चीन की अर्थव्यवस्था स्थिर और सकारात्मक प्रवृत्ति बनाए रखेगी, औद्योगिक उन्नयन और एक विशाल बाजार की क्षमता के व्यापक होने से विकास के नए अवसर खुलेंगे।
यह आकलन महज आत्म-प्रशंसा नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा वस्तुनिष्ठ रूप से इसकी पुष्टि की गई है। विश्व बैंक ने 11 दिसंबर को पेइचिंग में अपनी नवीनतम “चीन आर्थिक रिपोर्ट” जारी की, जिसमें 2025 में चीन की आर्थिक वृद्धि के पूर्वानुमान को 0.4 प्रतिशत अंक बढ़ाया गया है। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का नवीनतम अनुमान है कि वर्ष 2025 में चीन की अर्थव्यवस्था 5% की दर से बढ़ेगी, जो अक्टूबर में जारी “विश्व आर्थिक आउटलुक” से 0.2 प्रतिशत अंक अधिक है। इन समायोजनों के पीछे अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा चीन के अधिक सक्रिय और प्रभावी व्यापक आर्थिक नीतियों को लागू करने, संरचनात्मक सुधारों को गहरा करने और अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाने के प्रयासों की मान्यता है। चीन के केंद्रीय आर्थिक कार्य सम्मेलन में वर्तमान अर्थव्यवस्था का आकलन है कि यह “दबाव के बावजूद आगे बढ़ रही है और नई व बेहतर दिशाओं की ओर विकसित हो रही है।” इसके अलावा, “14वीं पंचवर्षीय योजना” के सफल समापन का सारांश ने चीन के आर्थिक विकास में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विश्वास के लिए घरेलू आधार को और मजबूत किया है।
वास्तव में, चीन का विकास वैश्विक हितों से गहराई से जुड़ा हुआ है, और चीनी अर्थव्यवस्था वैश्विक विकास में विश्वास और नई गतिज ऊर्जा प्रदान करती है। चीन बहुपक्षवाद का समर्थन करता है, “वैश्विक दक्षिण” (ग्लोबल साउथ) के विकास को बढ़ावा देता है, मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण का प्रयास करता है, और विभाजन व उथल-पुथल की स्थिति में मौजूद विश्व अर्थव्यवस्था को बहुमूल्य स्थिरता प्रदान करता है।
चीन 120 से अधिक देशों और क्षेत्रों का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। यह विदेशी निवेश पहुंच के लिए नकारात्मक सूची को लगातार कम करता है, और एक उत्कृष्ट व्यापारिक वातावरण बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे वैश्विक उद्यमों को बाजार के अवसरों का लाभ मिल सके। चीन में विश्व का सबसे बड़ा मध्यम-आय वर्ग है, और इसकी घरेलू मांग-आधारित रणनीति वैश्विक कुल मांग के विस्तार में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है। चीन नवाचार में निरंतर प्रगति कर रहा है, और नई उत्पादक शक्तियों का विकास वैश्विक औद्योगिक श्रृंखला के उन्नयन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। “बेल्ट एंड रोड“ पहल का उच्च-गुणवत्ता वाला संयुक्त निर्माण, चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो (सीआईआईई) का आयोजन आदि उपायों ने एक ऐसा सहयोग मंच तैयार किया है जिससे सभी देशों को लाभ होता है।
भविष्य को देखते हुए, चीन द्वारा अपने दरवाजों को और अधिक खोलने की प्रतिबद्धता संस्थागत उदारीकरण के उच्च स्तर को दर्शाती है। यह केवल वस्तुओं और उत्पादन कारकों के खुले प्रवाह के बारे में ही नहीं है, बल्कि नियमों, विनियमों, प्रबंधन और मानकों के सामंजस्य और एकीकरण के बारे में भी है।
वैश्विक आर्थिक मानचित्र में, चीन की स्थिति स्पष्ट होती जा रही है। यह स्थिर विकास में योगदानकर्ता होने के साथ-साथ नवाचार-संचालित विकास का अभ्यासकर्ता भी है, यह खुले सहयोग का समर्थक होने के साथ-साथ वैश्विक शासन में सुधार लाने वाला भी है। चीन का आर्थिक दर्शन और व्यवहार वैश्विक विकास चुनौतियों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं– नवाचार के माध्यम से नई उत्पादक शक्तियों का विकास करना, खुलेपन के माध्यम से पारस्परिक लाभ और जीत-जीत परिणामों को बढ़ावा देना और सहयोग के माध्यम से सामान्य चुनौतियों का समाधान करना।
एक खुला, समावेशी, नवाचार-प्रेरित, परस्पर जुड़ा हुआ एवं आपसी लाभ वाला चीन, निस्संदेह वैश्विक विकास चुनौतियों को हल करने और साझा विकास के लिए प्रयासों को एकजुट करने में अपरिहार्य ज्ञान और शक्ति का योगदान देना जारी रखेगा। खुलेपन और सहयोग की कुंजी चीन और विश्व के हाथों में है, जो मिलकर अधिक समृद्ध और स्थिर भविष्य का द्वार खोलेंगे।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

