छह दिवसीय नौवां चीन-दक्षिण एशिया एक्सपो 19 जून को चीन के युन्नान प्रांत के खुनमिंग शहर में उद्घाटित हुआ। उद्घाटन समारोह में भाग लेने वाले कई देशों के राजनेताओं ने अपने भाषण में कहा कि जटिल अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में चीन फिर भी दक्षिण एशिया एक्सपो जैसी प्रदर्शनियों का आयोजन करता है। इससे क्षेत्रीय सहयोग, समृद्धि व विकास में नए अवसर आएंगे और क्षेत्रीय देशों के बीच आर्थिक व व्यापारिक आदान-प्रदान मजबूत होगा।
वर्तमान दक्षिण एशिया एक्सपो के थीम देश श्रीलंका के व्यापार, वाणिज्य, खाद्य सुरक्षा और सहयोग व विकास मंत्री वसंता समरसिंघे ने कहा कि दक्षिण एशिया एक्सपो चीन और दक्षिण एशियाई देशों के बीच आदान-प्रदान और सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। इससे चीन और दक्षिण एशियाई देशों के बीच संपर्क और मजबूत हुआ। थीम देश होने के नाते श्रीलंका मौके का फायदा उठाकर व्यापार, निवेश, पर्यटन और संस्कृति आदि में चीन के साथ सहयोग का विस्तार करेगा।
वियतनाम के उप प्रधानमंत्री ट्रॅन होंग हा ने कहा कि दक्षिण एशिया एक्सपो चीन, दक्षिण एशिया और आसियान के बीच अवसर साझा करने, सामंजस्य साकार करने और टिकाऊ व समावेशी सह-विकास करने का प्रतीक है। वर्तमान एक्सपो का विषय साझा विकास के लिए एकता और सहयोग करना है। दुनिया में व्यापारिक संरक्षणवाद सक्रिय होने की स्थिति में इस विषय का विशेष महत्व है।
लाओस के उप प्रधानमंत्री किकेओ खायखाम्फिथौने ने कहा कि दक्षिण एशिया एक्सपो लाओस समेत विभिन्न देशों के उद्यमों और व्यापारियों को आदान-प्रदान और सहयोग करने का अवसर देता है। इससे विभिन्न देशों के बीच आपसी समझ और आपसी विश्वास के मित्रवत संबंध मजबूत होंगे।
म्यांमार के उप प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय के मंत्री टिन आंग सान ने कहा कि म्यांमार के व्यापारिक जगत के लिए दक्षिण एशिया एक्सपो एक दुर्लभ अवसर है। इससे न सिर्फ विभिन्न देशों के विशेष उत्पादों की खरीददारी की जा सकती है, बल्कि म्यांमार के उत्पाद सीधे चीनी बाजार में बेचे जा सकते हैं। इससे म्यांमार के लिए दक्षिण एशियाई देशों और आसियान देशों के साथ सहयोग का नया माध्यम तैयार हुआ।
अफ़गान अंतरिम सरकार के कार्यवाहक उप प्रधानमंत्री अब्दुल सलाम हनफ़ी ने कहा कि हाल के वर्षों में दक्षिण एशिया एक्सपो क्षेत्रीय आर्थिक व व्यापारिक सहयोग, निवेश और आर्थिक वार्ता बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच बन गया है। इससे न सिर्फ दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय भागीदारी बढ़ी है, बल्कि विभिन्न देशों के बीच आर्थिक संबंध भी मजबूत हुए।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)