Site icon Dainik Savera Times

South Korea: Yoon के महाभियोग पर फैसले से पहले US Embassy ने अहम एडवाइजरी की जारी

इंटरनेशनल डेस्क: सियोल स्थित अमेरिकी दूतावास ने बुधवार को दक्षिण कोरिया में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को राष्ट्रपति यून सूक-योल के महाभियोग के फैसले से पहले विरोध प्रदर्शनों या भीड़ से दूर रहने की सलाह दी। संवैधानिक न्यायालय ने कहा कि वह शुक्रवार (4 अप्रैल) को सुबह 11 बजे राष्ट्रपति यून सूक-योल के महाभियोग पर अपना फैसला सुनाएगा।

दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “राष्ट्रपति यूं के महाभियोग पर संवैधानिक न्यायालय के फैसले के बाद बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और पुलिस की बढ़ी हुई उपस्थिति की उम्मीद है।” उन स्थानों से बचें जहां प्रदर्शन हो रहे हैं, किसी भी बड़ी भीड़, सभा, विरोध या रैलियों के पास जाने से बचें। यह परामर्श पिछले दिन सियोल स्थित चीनी दूतावास द्वारा जारी किए गए इसी प्रकार के नोटिस के बाद आया है।

चीनी दूतावास ने संभावित चरम घटनाओं के प्रति चेतावनी दी है तथा अपने लोगों को सलाह दी है कि वे सियोल में न्यायालय भवन तथा अन्य क्षेत्रों के निकट होने वाले राजनीतिक प्रदर्शनों से दूरी बनाए रखें तथा उनमें भाग न लें। इस बीच, दक्षिण कोरियाई पुलिस ने सियोल में लगभग 14,000 कर्मियों को तैनात करने का निर्णय लिया।

राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने पुलिस बलों को गाफो अलर्ट पर रखा है, जो उच्चतम स्तर है तथा सभी उपलब्ध पुलिस बलों को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रखा गया है। सभी संवैधानिक न्यायालय के न्यायाधीशों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस संवैधानिक न्यायालय परिसर में प्रवेश करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार कर लेगी।

यदि न्यायालय महाभियोग प्रस्ताव को बरकरार रखता है तो युन को पद से हटा दिया जाएगा। यदि इसे पलट दिया जाता है, तो उन्हें मई 2027 तक शेष कार्यकाल पूरा करने के लिए बहाल कर दिया जाएगा।

आपको बता दें कि राष्ट्रपति यून ने 3 दिसंबर की रात को दक्षिण कोरिया में आपातकालीन मार्शल लॉ घोषित किया था, लेकिन संसद द्वारा इसके खिलाफ मतदान करने के बाद इसे निरस्त कर दिया गया था। मार्शल लॉ केवल कुछ घंटों तक चला, लेकिन इसने देश की राजनीति को हिलाकर रख दिया।

नेशनल असेंबली ने राष्ट्रपति यून सुक-योल के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित कर दिया। प्रधानमंत्री हान डुक-सू ने उनका स्थान लिया लेकिन उन पर भी महाभियोग चलाया गया। इसके बाद उप प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री चोई सांग-मोक ने कार्यवाहक राष्ट्रपति और कार्यवाहक प्रधानमंत्री दोनों की जिम्मेदारियां संभालनी शुरू कर दीं। हालाँकि, 24 मार्च को संवैधानिक न्यायालय ने प्रधान मंत्री हान डुक-सू के महाभियोग को खारिज कर दिया और उन्हें कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में बहाल कर दिया।

ये भी पढ़ें- Petrol-Diesel Price: पेट्रोल डीजल हुआ सस्ता! सफर पर निकलने से पहले जान लें आज के ताजा रेट

Exit mobile version