जुबा: दक्षिण सूडान में लगातार अस्थिरता के बीच दक्षिण सूडान पीपुल्स डिफेंस फोर्सेज (SSPDF) ने एक महत्वपूर्ण सैन्य सफलता दर्ज की है। सेना ने अपर नाइल राज्य के रणनीतिक रूप से अहम नासिर काउंटी पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है, जिसे उसने मार्च में व्हाइट आर्मी मिलिशिया के हाथों गंवा दिया था।
-बहादुर जवानों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि
एसएसपीडीएफ के प्रवक्ता लुल रुआई कोआंग ने रविवार को बयान जारी कर कहा, “नासिर पर फिर से कब्जा करना हमारे बहादुर जवानों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। इस संघर्ष में कई सैनिकों ने अपनी जान गवाई, परंतु यह जीत उनके साहस का प्रमाण है। मार्च से अब तक इस इलाके में व्हाइट आर्मी और सरकारी बलों के बीच जारी टकराव में 180 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हुए हैं। व्हाइट आर्मी, एक सशस्त्र मिलिशिया समूह है, जिसे सरकार विपक्षी गुट – सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट-इन-ओपोजिशन – से जुड़ा मानती है।
-250 से अधिक लोग हुए घायल
इस सैन्य सफलता से कुछ ही दिन पहले, एसएसपीडीएफ ने पड़ोसी उलांग काउंटी के मुख्यालय पर भी कब्जे का दावा किया था। दोनों इलाकों में हुई झड़पों ने न केवल सुरक्षा हालात को बिगाड़ा है, बल्कि मानवीय संकट को भी गहरा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, इस हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोग घायल हुए हैं और करीब 1.25 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। यूएन की दक्षिण सूडान में मानवीय समन्वयक अनीता किकी गेबेहो ने चेतावनी दी कि यदि यह संघर्ष नहीं रुका, तो पूरे क्षेत्र में मानवीय सहायता बाधित हो सकती है।
गेबेहो ने कहा, “देश में पहले से ही संसाधनों की भारी कमी है। मार्च से शुरू हुई हिंसा में चार मानवीय कार्यकर्ताओं की जान जा चुकी है और छह स्वास्थ्य केंद्र बंद हो चुके हैं। पूरे दक्षिण सूडान में 9.3 मिलियन लोगों को मदद की जरूरत है। जमीनी हालात और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की चेतावनी यह दर्शाती है कि भले ही SSPDF को सैन्य रूप से कुछ कामयाबी मिल रही हो, लेकिन स्थायी शांति और पुनर्निर्माण के लिए संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान ही एकमात्र रास्ता है।
ये भी पढ़ें: क्या है LPG, CNG, PNG और LNG गैसों के बीच अंतर? कौन सी गैस है सबसे बेहतर

