इंटरनेशनल डेस्क: गुज़र चुका वर्ष 2025 विश्व के लिए शांतिपूर्ण नहीं रहा। इस वर्ष वैश्विक परिदृश्य में तीव्र परिवर्तन हुए, अंतरराष्ट्रीय स्थिति अधिकाधिक जटिल और अस्थिर होती चली गई। शांति, विकास, सुरक्षा और शासन से जुड़ी चुनौतियाँ कम होने के बजाय बढ़ती रहीं।
ऐसे कठिन समय में, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक महान शक्ति के नेता के रूप में अपनी ऐतिहासिक दूरदृष्टि और गहरी जवाबदेही का परिचय दिया। उन्होंने विश्व विकास का एक स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया और दृढ़ संकल्प के साथ उसे ठोस कदमों में परिवर्तित किया, जो एक जिम्मेदार महाशक्ति के नेता की सोच और दृष्टि को परिलक्षित करता है। वर्ष 2025 वह समय रहा जब चीन की पड़ोसी और प्रमुख शक्ति कूटनीति का एक नया अध्याय देखने को मिला।
आस-पड़ोस की कूटनीति
7 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पूर्वोत्तर चीन के हेलोंगच्यांग प्रांत की राजधानी हार्पिन में आयोजित 9वें एशियाई शीतकालीन खेलों का उद्घाटन समारोह में भाग लेने आए अंतर्राष्ट्रीय अतिथियों का स्वागत किया। “एशिया में एकजुट होकर बर्फ और हिम के सपने को साझा करना” विषय वाले इन खेलों ने एशियाई देशों के बीच शांति, विकास और मित्रता की साझा आकांक्षाओं को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया।
जैसे-जैसे चीन के विकास के बाहरी वातावरण में परिवर्तन हुआ, उसकी समग्र कूटनीतिक रणनीति में पड़ोसी कूटनीति का महत्व और भी बढ़ गया। 8 से 9 अप्रैल 2025 को चीन की राजधानी पेइचिंग में पड़ोसी देशों से संबंधित कार्यों पर केंद्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें शी चिनफिंग ने कहा कि चीन के आस-पड़ोस का क्षेत्र विकास और समृद्धि प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है, राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए एक प्रमुख क्षेत्र है, समग्र राजनयिक रणनीति में एक प्राथमिक विचार है, और मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण तत्व है।
इस सम्मेलन के कुछ ही दिनों बाद, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने तीन पड़ोसी देशों – वियतनाम, मलेशिया और कंबोडिया की राजकीय यात्राएं कीं।
साल 2025 में चीन और वियतनाम के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर, शी चिनफिंग ने उस वर्ष अपनी विदेश यात्रा के पहले पड़ाव के रूप में वियतनाम को चुना, जो चीन और वियतनाम के बीच “साथी और भाई” के रूप में पारंपरिक मित्रता को दर्शाता है और चीन की विदेश नीति में पड़ोसी देशों के साथ कूटनीति की प्राथमिकता और रणनीतिक महत्व को प्रतिबिंबित करता है।
चीन और मलेशिया समुद्र से अलग हुए मैत्रीपूर्ण पड़ोसी हैं। राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मलेशिया यात्रा के दौरान, चीन-मलेशिया संबंध एक नए स्तर पर पहुंच गए हैं, दोनों देशों ने साझा भविष्य वाले उच्च स्तरीय रणनीतिक चीन-मलेशिया समुदाय की स्थापना की घोषणा की है।
उधर, कंबोडिया की यात्रा के दौरान, दोनों देशों के बीच समानता, पारस्परिक लाभ और उभय जीत वाले सहयोग का मानदंड स्थापित किया गया है।
साल 2025 में, अपनी विदेश यात्राओं में अप्रैल में उपर्युक्त तीनों दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के अलावा, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मई में रूस, जून में कजाखस्तान, अक्तूबर के अंत और नवंबर की शुरू में दक्षिण कोरिया की यात्रा की। एक ही साल में चार बार की विदेश यात्राओं का ध्यान पड़ोसी देशों पर केंद्रित था।
प्रमुख शक्ति की कूटनीति
पड़ोसी कूटनीति के अलावा, साल 2025 में चीन की प्रमुख शक्ति कूटनीति भी उल्लेखनीय थी।
सत्ता संभालने के बाद से, नए अमेरिकी प्रशासन ने कई अवैध और अनुचित एकतरफा टैरिफ उपाय अपनाए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है, चीन-अमेरिका के आर्थिक और व्यापारिक संबंध गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं और वैश्विक आर्थिक सुधार एवं विकास के लिए गंभीर चुनौतियां खड़ी हुई हैं। चीन ने अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए दृढ़ और प्रभावी जवाबी कार्रवाई की है।
5 जून, 2025 की शाम को, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ फोन पर बात की। इस दौरान, उन्होंने कहा कि चीन-अमेरिकी संबंधों की दिशा को सुधारने के लिए हमें सावधानीपूर्वक संचालन करना चाहिए, सही दिशा निर्धारित करनी चाहिए। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-चीन संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका एक-चीन नीति का पालन करना जारी रखेगा और जिनेवा व्यापार वार्ता में हुए समझौतों को लागू करने के लिए चीन के साथ काम करने को तैयार है।
19 सितंबर, 2025 की शाम को, चीन-अमेरिका मैड्रिड वार्ता में सकारात्मक प्रगति के बाद, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से फिर से फोन पर बात की। इस दौरान, उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चीन और अमेरिका को एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाने का सही तरीका खोजना होगा।
30 अक्तूबर को, दक्षिण कोरिया के बुसान में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात की, जिसमें राष्ट्रपति शी ने कहा कि चीन का विकास और राष्ट्रपति ट्रम्प का “अमेरिका को फिर से महान बनाने” का लक्ष्य परस्पर विरोधी नहीं हैं, चीन और अमेरिका निश्चित रूप से पारस्परिक सफलता और साझा समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।
8 मई 2025 को, महान देशभक्ति युद्ध में सोवियत संघ की विजय की 80वीं वर्षगांठ के समारोह से एक दिन पहले, राष्ट्रपति शी चिनफिंग और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्रेमलिन में एक बार फिर मुलाकात की। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने साझा चिंताओं के मुद्दों पर गहन चर्चा की और नए युग में चीन-रूस व्यापक रणनीतिक समन्वय साझेदारी को और गहरा करने के लिए एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए। इसके 3 महीने से अधिक समय बाद, 2 सितंबर की सुबह, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने देश की राजधानी पेइचिंग में राष्ट्रपति पुतिन से फिर मुलाकात की।
विश्व फासीवाद-विरोधी युद्ध में जीत की याद में आयोजित समारोहों में चीन और रूस के राष्ट्राध्यक्षों का भाग लेना, चाहे वे समारोह मॉस्को से लेकर पेइचिंग तक आयोजित किए गए हों, अत्यंत महत्वपूर्ण है। राष्ट्राध्यक्षों का नेतृत्व चीन-रूस संबंधों के स्थिर और दीर्घकालिक विकास की मूलभूत गारंटी है, व्यावहारिक सहयोग चीन-रूस संबंधों के स्थिर विकास की आंतरिक प्रेरक शक्ति है, और व्यापक रणनीतिक समन्वय चीन-रूस संबंधों की विशिष्ट विशेषता है।
इसके अलावा, साल 2025 के अंत में, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों चौथी बार चीन की यात्रा पर आए। वार्ता में राष्ट्रपति शी ने कहा कि चीन और फ्रांस दोनों ही दूरदर्शी और जिम्मेदार स्वतंत्र प्रमुख देश हैं, और बहुध्रुवीयता, मानवीय एकजुटता एवं सहयोग को बढ़ावा देने वाली रचनात्मक शक्तियां हैं। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि फ्रांस और चीन के बीच उच्च स्तरीय घनिष्ठ आदान-प्रदान होता रहता है और वे हमेशा एक-दूसरे पर भरोसा और सम्मान करते आए हैं।
चीन और फ्रांस दोनों संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और स्वतंत्र प्रमुख शक्तियां हैं। अधिक रणनीतिक रूप से स्थिर और दूरदर्शी चीन-फ्रांस संबंध बनाना, जटिल और असाध्य वैश्विक चुनौतियों का संयुक्त रूप से समाधान करना, यह एक अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है जिसे चीन और फ्रांस दोनों को पूरा करना चाहिए।
2025 में चीन और यूरोपीय संघ के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ थी। इस वर्ष में, चीनी और यूरोपीय नेताओं ने लगातार बातचीत की। चीन यात्रा पर आए यूरोपीय संघ के नेताओं से मुलाकात के दौरान, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य और जटिल अंतरराष्ट्रीय स्थिति के मद्देनजर, चीनी और यूरोपीय नेताओं को एक बार फिर दूरदर्शिता और जिम्मेदारी का प्रदर्शन करना चाहिए और चीन-यूरोपीय संघ संबंधों के लिए अगले 50 वर्षों को उज्ज्वल बनाने का प्रयास करना चाहिए।
“वैश्विक शासन पहल“ प्रस्तावित
साल 2025 में संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ थी। 80 साल पहले, संयुक्त राष्ट्र की स्थापना ने वैश्विक शासन के एक नए युग की शुरुआत की थी। आज, 80 साल बाद, वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार और उसे बेहतर बनाने की तत्काल आवश्यकता है।
1 सितंबर, 2025 को, चीन के थ्येनचिन शहर में आयोजित “एससीओ प्लस” की बैठक में राष्ट्रपति शी ने विश्व के समक्ष वैश्विक शासन पहल को प्रस्तुत किया। यह पहल एक और महत्वपूर्ण सार्वजनिक उत्पाद है। राष्ट्रपति शी द्वारा प्रस्तावित वैश्विक शासन पहल, वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल और वैश्विक सभ्यता पहल सहित चार पहलें विकास, सुरक्षा, सभ्यता और शासन के चार आयामों से एक अशांत दुनिया में स्थिरता और निश्चितता का संचार करती हैं, जिन्होंने मानवता के सामने आने वाली सामान्य समस्याओं के लिए चीनी समाधान प्रदान किए हैं और मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को बढ़ावा दिया है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

