Last Updated: November 7, 2026

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चीन की ‘बर्फ क्रांति’ पर विशेष रिपोर्ट

January 17, 2026

चीन की ‘बर्फ क्रांति’ पर विशेष रिपोर्ट

इंटरनेशनल डेस्क : एक बार फिर शीतकालीन ओलंपिक का आग़ाज़ शुरू होने वाला है, 2026 शीतकालीन ओलंपिक (मिलानो कॉर्टिना 2026) 6 से 22 फरवरी 2026 तक इटली के मिलान और कॉर्टिना डी‘ अम्पेज़ो में आयोजित होंगे, जिसमें 16 खेल और 116 पदक स्पर्धाएं होंगी, जिसमें स्की माउंटेनियरिंग पहली बार शामिल है यह हिम्मत, स्किल और सबको एक साथ लाने का ग्लोबल जश्न है, जहां दुनिया भर के पैरा एथलीट स्नो और आइस पर अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर के साथ प्रदर्शन करते हैं और साबित करते हैं कि मेहनत से सब मुमकिन है।

वैसे तो यह ओलंपिक अपने आप में ख़ास है क्यूंकि ये बर्फ पर खेल जाता है और दुनिया भर के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है। 2022 में चीन ने भी शीतकालीन ओलंपिक या विंटर ओलंपिक खेलों का आयोजन किया था, इस आयोजन से पहले और बाद में वहाँ क्या परिस्थिति है और वहाँ क्या बदलाव देखने को मिले आइए जानने की कोशिश करते हैं। कुछ साल पहले तक, चीन में बर्फ़ और बर्फ़ के खेल मुख्य रूप से देश के उत्तरी हिस्सों तक ही सीमित थे। लेकिन 2022 शीतकालीन ओलंपिक की मेज़बानी का अधिकार मिलने ने एक ऐसी गतिशीलता शुरू कर दी, जिसने न सिर्फ़ विश्व स्तरीय खेल आयोजन की तैयारी की, बल्कि एक पूरी नई आर्थिक धारा – “बर्फ़ अर्थव्यवस्था” को जन्म दे दिया। ओलंपिक से पहले के इन वर्षों में चीन ने इस क्षेत्र में एक अद्भुत विकास यात्रा तय की है। हाल ही में आयोजित विश्व शीतकालीन खेल प्रदर्शनी (WWSE) में जारी चीन बर्फ और हिम उद्योग विकास अनुसंधान रिपोर्ट (2025) के अनुसार, मीडिया रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि चीन की बर्फ और हिम अर्थव्यवस्था 2025 तक 1.0053 ट्रिलियन युआन (लगभग 140 अरब डॉलर) तक पहुंच जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश ने शीतकालीन खेलों में 3 करोड़ लोगों को शामिल करने का अपना लक्ष्य पहले ही हासिल कर लिया है, जिससे एक व्यापक उपभोक्ता आधार तैयार हुआ है जिसमें अब शुरुआती उत्साही लोगों के साथ-साथ परिवार और बुजुर्ग भी शामिल हैं। यह रिपोर्ट पूर्वोत्तर चीन के हेइलोंगजियांग प्रांत की राजधानी हार्बिन में आयोजित आइस एंड स्नो टूरिज्म डेवलपमेंट फोरम 2026 में जारी की गई। 

इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए, शहर ने सीधी उड़ानें भी शुरू कीं, वीज़ा सेवाओं को सुव्यवस्थित किया और विदेशी बैंक कार्डों के लिए भुगतान सेवाओं को बेहतर बनाया, जिसके परिणामस्वरूप हार्बिन में आने वाले पर्यटकों की बुकिंग में 157 प्रतिशत की वृद्धि हुई।उपकरण निर्माण, आयोजन संचालन, कौशल प्रशिक्षण, पर्यटन और मनोरंजन को कवर करने वाली एक पूर्ण औद्योगिक श्रृंखला भी स्थापित हो चुकी है। 

शीतकालीन ओलंपिक के आयोजन से पहले चीन ने केवल खेल ढांचे को ही नहीं, बल्कि एक पूरी नई आर्थिक श्रृंखला को मजबूती देने पर विशेष ध्यान दिया, जिसे आज “आइस एंड स्नो इकॉनॉमी” के नाम से जाना जाता है। बर्फ और हिम से जुड़े खेल, पर्यटन, उपकरण निर्माण और सेवाओं के क्षेत्र में चीन ने बड़े पैमाने पर निवेश कर इस क्षेत्र को राष्ट्रीय विकास रणनीति का अहम हिस्सा बना दिया।

बर्फीले खेल आम जनता तक

ओलंपिक की तैयारियों के दौरान चीन सरकार ने “300 मिलियन लोगों को बर्फीले खेलों से जोड़ने” का लक्ष्य तय किया। इसके तहत स्कूलों, विश्वविद्यालयों और समुदायों में स्केटिंग, स्कीइंग और आइस हॉकी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। कई शहरों में इनडोर आइस रिंक और स्की सिमुलेशन केंद्र बनाए गए ताकि सामान्य नागरिक भी इन खेलों का अनुभव कर सकें।

बुनियादी ढांचे का क्रांतिकारी विकास

ओलंपिक की तैयारी का सबसे ठोस और दिखाई देने वाला पहलू बुनियादी ढांचे का विस्फोटक विकास रहा। न सिर्फ़ बीजिंग और झांगजियाको (मेज़बान शहरों) में अत्याधुनिक स्टेडियम और स्की रिसॉर्ट बने, बल्कि पूरे देश में इनडोर स्की स्लोप, आइस रिंक और स्नो पार्क की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। यह निवेश खेल आयोजन से कहीं आगे का था। इसका लक्ष्य था एक स्थायी पर्यटन और मनोरंजन उद्योग की नींव रखना, ताकि आम नागरिकों को बर्फ़ के खेलों के करीब लाया जा सके।

बुनियादी ढांचे का क्रांतिकारी विकास

ओलंपिक की तैयारी का सबसे ठोस और दिखाई देने वाला पहलू बुनियादी ढांचे का विस्फोटक विकास रहा। न सिर्फ़ बीजिंग और झांगजियाको (मेज़बान शहरों) में अत्याधुनिक स्टेडियम और स्की रिसॉर्ट बने, बल्कि पूरे देश में इनडोर स्की स्लोप, आइस रिंक और स्नो पार्क की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। यह निवेश खेल आयोजन से कहीं आगे का था। इसका लक्ष्य था एक स्थायी पर्यटन और मनोरंजन उद्योग की नींव रखना, ताकि आम नागरिकों को बर्फ़ के खेलों के करीब लाया जा सके।

शीतकालीन ओलंपिक से पहले चीन ने आइस एंड स्नो इकॉनॉमी को केवल एक खेल आयोजन की तैयारी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति में बदल दिया। आज यह क्षेत्र चीन के लिए नए पर्यटन, रोजगार और तकनीकी नवाचार का बड़ा स्रोत बन चुका है, जो आने वाले वर्षों में भी विकास की रफ्तार को बनाए रखेगा। 2022 शीतकालीन ओलंपिक से पहले का समय चीन की बर्फ़ अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक परिवर्तन का काल रहा। इसने खेल आयोजन से आगे बढ़कर एक राष्ट्रव्यापी आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले लिया। आज, बर्फ़ की अर्थव्यवस्था चीन के आंतरिक आर्थिक चक्र (ड्यूल सर्कुलेशन) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है, जो सर्दियों में पर्यटन को बढ़ावा देती है, रोज़गार पैदा करती है, और स्वस्थ जीवन शैली को प्रोत्साहित करती है। ओलंपिक की मशाल बुझने के बाद भी, चीन में बर्फ़ की अर्थव्यवति की यह चिंगारी एक ज्वाला बनकर देश के विकास को रोशन करती रहेगी।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)  (लेखक—देवेंद्र सिंह)

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