Last Updated: October 3, 2026

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कीर स्टार्मर के इस्तीफे की अटकलें तेज, ये शख्स बन सकता है नया प्रधानमंत्री

June 21, 2026

कीर स्टार्मर के इस्तीफे की अटकलें तेज, ये शख्स बन सकता है नया प्रधानमंत्री

Keir Starmer News: ब्रिटेन के राजनीतिक हलकों में पिछले कुछ दिनों से हलचल मची हुई है। फादर्स डे के दिन चर्चा जोरों पर है कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं और एंडी बर्नहैम उनकी जगह ले सकते हैं। लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव के बीच यह माना जा रहा है कि स्टार्मर सोमवार को अपने पद से हटने का ऐलान कर सकते हैं, ताकि पार्टी नेतृत्व में सहज बदलाव का रास्ता खुल सके। अगर कीर स्टार्मर की विदाई तय है तो यह पिछले एक दशक में ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री का मार्ग प्रशस्त करेगा। ये उभरती तस्वीर राजनीतिक अस्थिरता की कहानी कहती है।

दो वर्ष पहले स्टार्मर ने लेबर पार्टी को बंपर चुनावी जीत दिलाई थी

महज दो वर्ष पहले स्टार्मर ने लेबर पार्टी को बंपर चुनावी जीत दिलाई थी; पार्टी को 174 सीटों के साथ बहुमत मिला। उस समय इसे लेबर के लिए एक निर्णायक राजनीतिक वापसी माना गया था, बावजूद इसके, उनका कार्यकाल कई विवादों और नीतिगत बदलावों के कारण लगातार दबाव में रहा। कई नीतिगत यू-टर्न्स और विवादों का सामना उनकी सरकार को करना पड़ा। बुजुर्गों के लिए विंटर फ्यूल भुगतान से जुड़े फैसले और वॉशिंगटन में पीटर मैंडेलसन को ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने का निर्णय सबसे ज्यादा विवाद का सबब बना। इन घटनाओं ने उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े किए और पार्टी के भीतर असंतोष को बढ़ाया। हाल के जनमत सर्वेक्षणों में लेबर पार्टी की स्थिति कमजोर हुई है, जबकि प्रधानमंत्री स्टार्मर की व्यक्तिगत लोकप्रियता भी गिरी है।

इसी बीच, रिफॉर्म यूके दल लगातार 300 से अधिक राष्ट्रीय सर्वेक्षणों में बढ़त बनाए हुए है, जिससे राजनीतिक परिदृश्य और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। पार्टी के कई सांसदों का मानना है कि यदि नेतृत्व में बदलाव नहीं किया गया, तो आगामी चुनावों में लेबर को भारी नुकसान हो सकता है और ‘रिफॉर्म यूके’ के नेता नाइजल फैराज के सत्ता में आने की संभावना बढ़ सकती है। इसी वजह से पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज होती जा रही है। इसमें एंडी बर्नहैम का नाम सबसे ऊपर है। ब्रिटेन के पूर्व कंजर्वेटिव प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का एक लेख भी सियासी सुगबुगाहट को हवा देता है।

संडे टाइम्स में प्रकाशित लेख में लेबर नेता एंडी बर्नहैम को महत्वपूर्ण राजनीतिक सलाह दी गई है। सुनक ने अपने अनुभवों के आधार पर सत्ता, नेतृत्व और राजनीतिक वैधता को लेकर कई विचार साझा किए। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके आसपास के लोग उन्हें प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाने के लिए राजनीतिक दबाव, मंत्रियों के इस्तीफे और अन्य तरीकों का सहारा ले सकते हैं, लेकिन बर्नहम को “डिफॉल्ट” स्थिति में प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहिए। सुनक ने अपने 2024 के आम चुनाव में लेबर नेता कीर स्टार्मर से मिली हार का भी परोक्ष रूप से संदर्भ दिया, जिसमें कंजर्वेटिव पार्टी को अपने संसदीय इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, वे अभी भी रिचमंड और नॉर्थएलर्टन से सांसद के रूप में कार्यरत हैं।

लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता

लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर गहरी अनिश्चितता बनी हुई है। पार्टी नियमों के अनुसार, किसी भी नेतृत्व चुनौती के लिए कम से कम 20 प्रतिशत सांसदों का समर्थन आवश्यक है, यानी लगभग 81 सांसदों की सहमति जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्री रहे वेस स्ट्रीटिंग ने भी नेतृत्व की दौड़ में शामिल होने की इच्छा जताई है, लेकिन उनके समर्थन को लेकर संशय बना हुआ है, क्योंकि कई सांसद संभावित विजेता के पक्ष में झुकते दिख रहे हैं। मई में भी स्टार्मर पर दबाव था, लेकिन उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। लेकिन इस बार बात कुछ अलग है। हाल ही में उत्तरी इंग्लैंड के मेकरफील्ड निर्वाचन क्षेत्र में हुए उपचुनाव में अच्छी खासी जीत हासिल की। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने टक्कर में खड़े रिफॉर्म यूके के कैंडिडेट को पराजित किया, वो भी ऐसे समय में जब लेबर पार्टी की साख लगातार गिर रही है।

इससे पहले वे ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में कार्यरत थे, जो ब्रिटेन के सबसे बड़े और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण शहरों में से एक है। 56 वर्षीय बर्नहैम को अब लेबर पार्टी के भीतर एक ऐसे नेता के रूप में देखा जा रहा है, जो ब्रिटेन की आर्थिक दिशा को नए सिरे से परिभाषित करने की क्षमता रखते हैं। उनके समर्थक उनके दृष्टिकोण को “मैनचेस्टरिज्म” नाम दे रहे हैं, जो मैनचेस्टर के तीव्र आर्थिक विकास और शहरी पुनर्निर्माण के अनुभवों पर आधारित एक मॉडल है। इस विचारधारा का उद्देश्य ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को पुनर्गठित करना है, जो वर्षों से धीमी वृद्धि, अस्थिर नीतियों और सार्वजनिक वित्त पर दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। बर्नहैम के समर्थकों का मानना है कि मैनचेस्टर के सफल विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करके आर्थिक असमानताओं को कम किया जा सकता है और क्षेत्रीय विकास को गति दी जा सकती है।

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