Site icon Dainik Savera Times

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा फैसला, 60 दिनों तक…

Strait of Hormuz

Strait of Hormuz

Strait of Hormuz: ईरान की शीर्ष सुरक्षा संस्था ने घोषणा की है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के आवागमन से जुड़े अनुरोधों के त्वरित निपटारे का आदेश जारी किया है। यह कदम तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (MoU) के उद्देश्यों के अनुरूप लिया गया है।

एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) ने ईरानी मीडिया में प्रकाशित एक बयान में घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जहाजों के आवागमन को लेकर बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। यह बयान उस समय जारी किया गया, जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक MoU पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए।

ये भी पढ़ें- Weather today 19 June 2026: दिल्ली-यूपी समेत 11 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 80 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

 

दुर्घटनाओं से बचने के लिए निर्धारित मार्ग से ही गुजरे जहाज
SNSC के अनुसार समझौते के तहत जहाजों के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर 60 दिनों तक कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। ईरान सरकार सभी खर्चों का वहन करेगी। जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को अपने अनुरोध पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) को भेजने होंगे। SNSC ने कहा कि सुरक्षित समुद्री यातायात और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जहाजों को निर्धारित मार्ग से ही गुजरना होगा। उन्हें तय समय का पालन करना होगा।

धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा जलडमरूमध्य में यातायात
बयान में कहा गया कि मार्ग में कुछ सुरक्षा जोखिम मौजूद हैं। सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसलिए नियंत्रित तरीके से आवाजाही की जाएगी। ईरान ने आश्वासन दिया है कि जलडमरूमध्य में यातायात धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। तकनीकी और कार्यान्वयन संबंधी विवरण PGSA द्वारा जारी किए जाएंगे।

ये भी पढ़ें- Today’s horoscope 19 June 2026: कुंभ राशि वालों की किस्मत में धनलाभ और व्यापार में तरक्की का योग, जानें अन्य राशियों का हाल

भविष्य का निर्धारण करेंगे अगले 60 दिन
समझौते के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को कहा कि अगले 60 दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे। ईरान को मिलने वाले आर्थिक लाभ सत्यापित कदमों पर निर्भर होंगे, न कि केवल वादों पर। यही अवधि समझौते के भविष्य का निर्धारण करेगी।

आधिकारिक तौर पर शुरू हुआ 60 दिन का समय
वेंस ने बताया कि अमेरिका इस समझौते को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश कर रहा है। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर भी चर्चा शामिल है। अविश्वास की स्थिति इस प्रक्रिया को चुनौतीपूर्ण बना सकती है। वेंस ने मीडिया से कहा, “मैं कहूंगा कि 60-दिन का समय आज आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है।”

Exit mobile version