Strait of Hormuz: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान ने बड़ा और सख्त रुख अपनाया है। तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से केवल उन्हीं जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी, जिन्हें ‘गैर-दुश्मन’ माना जाएगा और जो ईरान के सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे। न्यूयॉर्क स्थित ईरानी मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि जो जहाज ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य या आक्रामक गतिविधि में शामिल नहीं हैं, और न ही उसका समर्थन करते हैं, उन्हें पहले ईरानी अधिकारियों से समन्वय करना होगा। इसके बाद ही उन्हें सुरक्षित मार्ग दिया जाएगा।
Non-hostile vessels, including those belonging to or associated with other States, may—provided that they neither participate in nor support acts of aggression against Iran and fully comply with the declared safety and security regulations—benefit from safe passage through the…
— I.R.IRAN Mission to UN, NY (@Iran_UN) March 24, 2026
अनुमति और निगरानी अब अनिवार्य
ईरान की डिफेंस काउंसिल ने इस नीति को और स्पष्ट करते हुए कहा है कि सभी ‘गैर-दुश्मन’ जहाजों को हॉर्मुज से गुजरने से पहले औपचारिक अनुमति लेनी होगी। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब ईरान लगातार संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल पर उसके सैन्य और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने के आरोप लगा रहा है।
ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके पावर प्लांट्स या ऊर्जा सुविधाओं पर दोबारा हमला हुआ, तो उसकी सशस्त्र सेनाएं “निर्णायक और विनाशकारी” जवाब देंगी।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ‘चोक पॉइंट्स’ में से एक है। यह फारस की खाड़ी को गल्फ ऑफ ओमान और अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है। हाल के तनाव और सैन्य गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र में कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से कई जहाज यहां फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ा है और आपूर्ति संकट की आशंका गहराई है।
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ट्रंप का बड़ा दावा
इसी बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका इस संघर्ष में जीत हासिल कर चुका है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और संचार प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और ईरान समझौते के लिए इच्छुक है। हालांकि, ईरान की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

