चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 21 नवंबर को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव के साथ दूसरे रणनीतिक संवाद का आयोजन किया।
इस अवसर पर वांग यी ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग और राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव के दूरदर्शी नेतृत्व में चीन और उज्बेकिस्तान के संबंध लगातार फल-फूल रहे हैं। इन संबंधों ने फलदायी परिणाम हासिल किए हैं, जिसने दोनों देशों की जनता के समक्ष सफलताओं का एक संतोषजनक रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया है। वांग यी ने जोर देकर कहा कि दोनों पक्षों को राष्ट्राध्यक्षों द्वारा बनी महत्वपूर्ण सहमतियों को लागू करने, द्विपक्षीय संबंधों की सामान्य दिशा को बनाए रखने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का समन्वय करने के लिए इस रणनीतिक संवाद मंच का भरपूर सदुपयोग करना चाहिए। इसका उद्देश्य चीन-उज्बेकिस्तान संबंधों को अच्छे पड़ोसी, अटूट मित्रता, एकजुटता और आपसी विश्वास के एक नए मानक के रूप में स्थापित करना है।
उन्होंने आगे कहा कि चीन और उज्बेकिस्तान, दोनों ही देशों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत अत्यंत गहरी है और उनके विकास व पुनरोद्धार में मज़बूत आंतरिक प्रेरणा और शक्तियाँ निहित हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच मित्रता का भी एक लंबा और गौरवशाली इतिहास रहा है। चीन हमेशा अपनी पड़ोस कूटनीति में उज्बेकिस्तान को प्राथमिकता देता है और उसे अपनी वैश्विक कूटनीतिक रणनीति में एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है। चीन, उज्बेकिस्तान को उसकी अपनी राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुकूल विकास पथ पर चलने में पूर्ण समर्थन देता है।
वांग यी ने यह भी कहा कि चीन का पूर्ण एकीकरण शीघ्र साकार होना देश-विदेश में बसे सभी चीनी लोगों की साझा आकांक्षा है, और चीन इस बात की सराहना करता है कि उज्बेकिस्तान ‘एक-चीन सिद्धांत‘ का दृढ़ता से पालन करता है। अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय परिस्थितियों में चाहे कैसा भी बदलाव क्यों न आए, चीन उज्बेकिस्तान के साथ अपनी एकजुटता और सहयोग को और मज़बूत करेगा तथा साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के महान लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहेगा।
इस संवाद में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव ने कहा कि उनका देश जन-जीवन में सुधार और गरीबी उन्मूलन के लिए चीन द्वारा दिए जा रहे मज़बूत समर्थन की सराहना करता है। उज्बेकिस्तान देश के शासन और प्रशासन में चीन के सफल अनुभवों से सक्रिय रूप से सीखने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि उज़्बेकिस्तान उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान को मज़बूत करने, द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार करने और ‘बेल्ट एंड रोड‘ पहल के तहत सहयोग को गहरा करने को तैयार है। इसके साथ ही, चीन-किर्गिज़स्तान-उज्बेकिस्तान रेलवे के निर्माण को आगे बढ़ाने, हरित विकास और उच्च प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने और “तीन बुरी ताकतों” (आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद) का संयुक्त रूप से मुकाबला करने की प्रतिबद्धता भी जताई गई।
सैदोव ने दोहराया कि उज्बेकिस्तान ‘एक-चीन सिद्धांत‘ का कड़ाई से पालन करता है, “थाईवान स्वतंत्रता” जैसी अलगाववादी गतिविधियों का विरोध करता है, बाहरी ताकतों के अनुचित हस्तक्षेप को अस्वीकार करता है और चीन के राष्ट्रीय एकीकरण का पूर्ण समर्थन करता है।
इस रणनीतिक संवाद के समापन के बाद, दोनों पक्षों ने चीन और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच दूसरे रणनीतिक संवाद पर एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसके अतिरिक्त, भविष्य के सहयोग को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से “2026-2027 चीन और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालयों के बीच सहयोग योजना” पर हस्ताक्षर भी किए गए।
उधर, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव ने 21 नवंबर को राजधानी ताशकंद में वांग यी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव ने वांग यी के माध्यम से चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं और 20वीं सीपीसी केंद्रीय समिति के चौथे पूर्णाधिवेशन के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 15वीं पंचवर्षीय योजना में उल्लिखित सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरे कर लिए जाएँगे।
राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव ने चीन द्वारा दिए जा रहे दीर्घकालिक और बहुमूल्य समर्थन के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उज्बेकिस्तान और चीन के संबंधों का विकास इतना मज़बूत है कि यह किसी भी बाहरी कारक से प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि उज्बेकिस्तान ‘एक-चीन सिद्धांत‘ का दृढ़ता से पालन करता है और चीन के साथ अपनी स्थायी मित्रता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, उनका देश “तीन बुरी ताकतों” (आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद) का कड़ाई से मुकाबला करने और चीन का एक विश्वसनीय मित्र व साझेदार बने रहने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग की चार वैश्विक पहलों और ‘बेल्ट एंड रोड‘ पहल के समकालीन निहितार्थ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उज्बेकिस्तान इन पहलों के क्रियान्वयन हेतु चीन के साथ मिलकर काम करने को तत्पर है। मिर्ज़ियोयेव ने विश्व शांति और विकास को बढ़ावा देने में चीन की बढ़ती हुई अग्रणी और महत्वपूर्ण भूमिका की भी सराहना की।
इसके प्रत्युत्तर में, वांग यी ने राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव को राष्ट्रपति शी चिनफिंग की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि चीन, उज्बेकिस्तान की राष्ट्रीय स्वतंत्रता, संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता की रक्षा में उसका दृढ़ता से समर्थन करता है। वांग यी ने कहा कि ‘नए उज्बेकिस्तान‘ के निर्माण में और अधिक उपलब्धियाँ प्राप्त करने तथा राष्ट्रीय एवं जातीय पुनरुत्थान के महान उद्देश्य को साकार करने के लिए राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव द्वारा किए जा रहे विभिन्न सुधारों और विकास उपायों का चीन पुरजोर समर्थन करता है।
वांग यी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि चीन और उज्बेकिस्तान सच्चे मित्र हैं, जो एक-दूसरे का समर्थन करते हैं और विकास की यात्रा में घनिष्ठ साझेदार हैं। उन्होंने बताया कि 20वीं सीपीसी केंद्रीय समिति के चौथे पूर्णाधिवेशन में ‘15वीं पंचवर्षीय योजना‘ के प्रस्ताव को पारित किया गया है, जिससे द्विपक्षीय सहयोग और वैश्विक विकास के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।
वांग यी ने सुझाव दिया कि चीन और उज्बेकिस्तान को अपनी विकास रणनीतियों के समन्वय में तेज़ी लानी चाहिए और 20 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल करते हुए उससे भी बड़े लक्ष्यों की ओर अग्रसर होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, दोनों पक्षों को एक-दूसरे के देशों में सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना में गति लानी चाहिए, स्थानीय आदान-प्रदान और सहयोग को गहरा करना चाहिए तथा चीन-उज्बेकिस्तान संबंधों को और अधिक मज़बूत बनाना चाहिए। अंत में, उन्होंने कहा कि चीन उज्बेकिस्तान के गरीबी उन्मूलन प्रयासों में सहायता करने के लिए अपने अनुभव साझा करना जारी रखने के लिए तैयार है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)