इंटरनेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच हिंद महासागर से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी जहाज़ पर कथित तौर पर पनडुब्बी से हमला होने की सूचना मिली है। इस घटना के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका के समुद्री क्षेत्र के नजदीक एक ईरानी जहाज़ को निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि हमले के बाद जहाज़ पर सवार 180 लोगों में से 101 लापता हैं और 78 लोग घायल हुए हैं। कोलंबो से मिली जानकारी के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान तेजी से जारी है और नौसेना के साथ अन्य एजेंसियां भी मौके पर तैनात हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष जारी है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समुद्री रास्तों को निशाना बनाया जाता है तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। फिलहाल किसी भी देश या संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
At least 101 people missing after submarine attack on Iranian ship off Sri Lanka.
At least 101 people are missing and 78 injured following a reported submarine attack on the Iranian frigate IRIS Dena off Sri Lanka’s coast, according to Reuters citing naval and defence sources.… pic.twitter.com/JliKH8TUTX
— Sri Lanka Tweet 🇱🇰 (@SriLankaTweet) March 4, 2026
रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास ईरानी नौसेना का जहाज़ IRIS Dena गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हालत में पाया गया और उसके डूबने की आशंका जताई गई है। श्रीलंका के विदेश मंत्री Vijitha Herath ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि संकट संदेश मिलने के तुरंत बाद नौसेना और वायुसेना की टीमों को रवाना किया गया।
स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी Anil Jasinghe के अनुसार, अब तक 32 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है और 7 लोग आपातकालीन उपचार में हैं। बाकी लापता लोगों की तलाश जारी है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज़ को किस तरह नुकसान पहुंचा और नाविक कैसे घायल हुए। श्रीलंका सरकार ने मामले की विस्तृत जांच कराने की बात कही है। इस घटना ने हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है।

