इंटरनेशनल डेस्क: सीरिया ने अमेरिका द्वारा उस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे मानवीय संकट और आर्थिक समस्याओं को कम करने की दिशा में एक “सकारात्मक कदम” करार दिया है। सीरियाई विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह प्रतिक्रिया दी।
बयान में कहा गया कि दमिश्क, उन सभी देशों के साथ सहयोग के लिए तैयार है जो बिना हस्तक्षेप किए सीरिया की संप्रभुता का सम्मान करते हैं। मंत्रालय के अनुसार, यदि कोई भी देश सीरिया के आंतरिक मामलों में दखल न देते हुए सहयोग की इच्छा रखता है, तो सीरिया उसके साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने सीरिया पर लगाए गए कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देने का निर्णय लिया। यह कदम खासकर मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण प्रयासों को समर्थन देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इस बीच, तुर्किये की यात्रा पर पहुंचे अमेरिका के राजदूत थॉमस बैरक, जो अब सीरिया के लिए विशेष दूत की भूमिका में भी हैं, ने सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा और विदेश मंत्री से मुलाकात की। बैरक ने कहा कि राष्ट्रपति अल-शरा ने अमेरिकी प्रशासन के इस त्वरित फैसले की सराहना की और इसे दोनों देशों के बीच संबंधों में संभावित सुधार का संकेत बताया।
राजदूत बैरक ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीरिया की नई सरकार ऐसे हालात पैदा कर सके जहां आम नागरिक केवल जीवित ही न रहें, बल्कि एक स्थिर और सुरक्षित भविष्य की ओर भी बढ़ सकें।”
इस पहल को लेकर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रयास ईमानदारी और स्थायित्व के साथ आगे बढ़ता है, तो यह पश्चिम एशिया में एक नए संतुलन की शुरुआत हो सकती है। सीरिया पिछले एक दशक से भी अधिक समय से गृह युद्ध और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते गंभीर मानवीय और आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में यह निर्णय वहां के नागरिकों के लिए एक आशा की किरण बनकर सामने आया है।
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