ढाका: पार्लियामेंट चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की बड़ी जीत के बाद पार्टी प्रमुख तारिक रहमान ने देश को संबोधित करते हुए सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने इस जीत को लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में मिला नया जनादेश बताया।
देश को संबोधित करते हुए क्या कहा?
नतीजों की घोषणा के बाद अपने पहले भाषण में तारिक रहमान ने कहा कि भले ही लोगों की सोच और राजनीतिक विचार अलग-अलग हों, लेकिन देश के हित में सबको साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारे रास्ते और राय अलग हो सकते हैं, लेकिन देश के हित में हमें एकजुट रहना चाहिए।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एकता ही देश की सबसे बड़ी ताकत है, जबकि आपसी बंटवारा कमजोरी को जन्म देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि चुनाव के बाद अब सबको मिलकर देश के विकास के लिए काम करना चाहिए।
चुनाव नतीजों की तस्वीर
चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार BNP के नेतृत्व वाले गठबंधन को 212 सीटें मिलीं। जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 77 सीटें मिलीं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी बांग्लादेश अवामी लीग को चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई। यह चुनाव 2024 में हुए हिंसक विद्रोह के बाद कराया गया पहला राष्ट्रीय चुनाव था। उस आंदोलन के बाद शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था।
लोकतंत्र की बहाली का दावा
तारिक रहमान ने अपने भाषण की शुरुआत समर्थकों का धन्यवाद करते हुए की। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र समर्थक लोगों ने एक बार फिर BNP पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा, “यह जीत सिर्फ BNP की नहीं है, यह बांग्लादेश की जीत है, लोकतंत्र की जीत है और उन लोगों की जीत है जिन्होंने लोकतंत्र के लिए कुर्बानी दी।”
आगे की चुनौतियां
रहमान ने यह भी माना कि नई सरकार के सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था कमजोर है और पिछली सरकार के दौरान संवैधानिक और संस्थागत ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी सुधारने की जरूरत है। उनका कहना था कि लोकतंत्र की स्थापना की दिशा में एक नई शुरुआत की गई है, लेकिन आगे का रास्ता आसान नहीं होगा।
राजनीतिक वापसी
60 वर्षीय तारिक रहमान के लिए यह चुनाव एक बड़ी राजनीतिक वापसी माना जा रहा है। वे 17 साल तक ब्रिटेन में निर्वासन में रहने के बाद दिसंबर में बांग्लादेश लौटे थे। तारिक रहमान, पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं, जिनकी 1981 में हत्या कर दी गई थी। उनकी मां खालिदा ज़िया तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं और लंबे समय से देश की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाती रही हैं। इस चुनावी जीत के साथ, तारिक रहमान एक बार फिर बांग्लादेश की राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गए हैं।

