नेशनल डेस्कः ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। अब खबर सामने आई है कि इनमें से कुछ ठिकानों पर दोबारा निर्माण का काम शुरू हो गया है। एक टीवी को मिले एक्सक्लूसिव वीडियो में बहावलपुर, सवाई नाला और मुजफ्फराबाद में मौजूद बताए जा रहे आतंकी ठिकानों पर नए निर्माण के संकेत दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कुछ जगहों पर नई दीवारें और नई ईंटों से किया गया निर्माण साफ नजर आ रहा है।
सवाई नाला कैंप में फिर निर्माण
सामने आए वीडियो में पहला ठिकाना लश्कर-ए-तैयबा के सवाई नाला कैंप का बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस जगह का इस्तेमाल आतंकियों के रहने और ठहरने के लिए किया जाता था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस कैंप को भारतीय कार्रवाई में भारी नुकसान पहुंचा था और इसे तबाह किए जाने की बात सामने आई थी। अब नए वीडियो में यहां दोबारा निर्माण के संकेत दिखाई दे रहे हैं। नई दीवारें और निर्माण में इस्तेमाल की गई नई ईंटें यह दिखाती हैं कि क्षतिग्रस्त हिस्सों को फिर से तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
मुजफ्फराबाद के मरकज सैदा बिलाल में भी निर्माण
दूसरा वीडियो जैश-ए-मोहम्मद के मरकज सैदा बिलाल कैंप का बताया जा रहा है। यह ठिकाना पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के मुजफ्फराबाद में स्थित बताया जाता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस ठिकाने को भी निशाना बनाया गया था और इसे काफी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। अब सामने आई तस्वीरों और वीडियो में यहां नई दीवारें और नई ईंटों से किया गया निर्माण दिखाई दे रहा है। इससे संकेत मिलता है कि हमले में क्षतिग्रस्त हुई इमारतों को फिर से खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।
बहावलपुर में भी आतंकी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की कोशिश
रिपोर्ट में बहावलपुर के आतंकी ठिकाने का भी जिक्र किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यहां मौजूद आतंकी ढांचे को भी निशाना बनाया गया था। अब सामने आई जानकारी के मुताबिक, इन जगहों पर फिर से निर्माण गतिविधियां देखी जा रही हैं। इससे यह सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान में आतंकी संगठनों से जुड़े ढांचे को दोबारा मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में भी इन ठिकानों का उल्लेख
भारत के रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाए गए आतंकी ठिकानों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और PoJK में मौजूद कई आतंकी ढांचों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इन हमलों का उद्देश्य उन ठिकानों को निशाना बनाना था, जहां से भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को समर्थन मिलने की बात कही गई थी। अब यदि इन स्थानों पर दोबारा निर्माण हो रहा है, तो यह इस बात का संकेत माना जा सकता है कि वहां आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा करने की कोशिश जारी है।
आतंकी हमले के बाद चलाया गया था ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। हमले के बाद भारत ने इसके जिम्मेदार आतंकियों और उनके ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया।
6-7 मई की रात शुरू हुई कार्रवाई
भारत ने 6 और 7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoJK में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। भारत की ओर से कहा गया कि इन हमलों में आतंकियों के उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां आतंकी गतिविधियों से जुड़ा ढांचा मौजूद था। कार्रवाई के दौरान कई ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद पाकिस्तान ने भी किए हमले
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की गई। भारत ने इन हमलों को रोकने का दावा किया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। दोनों देशों के बीच तनाव और सैन्य गतिविधियां कई घंटों तक जारी रहीं।
10 मई को रुका सैन्य संघर्ष
भारत और पाकिस्तान के बीच करीब 88 घंटे तक सैन्य तनाव और कार्रवाई चली। 10 मई की शाम दोनों देशों के बीच समझौते के बाद सैन्य गतिविधियां रुक गईं। हालांकि, अब पाकिस्तान और PoJK में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाए गए कुछ आतंकी ठिकानों पर दोबारा निर्माण की खबर सामने आने से एक बार फिर वहां मौजूद आतंकी ढांचे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नए वीडियो में दिखाई दे रही नई दीवारें और ईंटों से किया गया निर्माण इस बात की ओर संकेत करता है कि क्षतिग्रस्त ठिकानों को फिर से तैयार करने की कोशिश की जा रही है।

