Site icon Dainik Savera Times

क्रेश हो गया इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट का लापता विमान, माउंट बुलुसाराउंग की ढलानों पर मिला मलबा

wreckage of missing plane was found on slopes of Mount Bulusaraung

wreckage of missing plane was found on slopes of Mount Bulusaraung

इंटरनेशनल डेस्क: इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप से जुड़ी एक दुखद विमान दुर्घटना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। शनिवार से लापता इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट (IAT) का विमान अब मिल गया है। रविवार सुबह राहत और बचाव दल (SAR) ने माउंट बुलुसाराउंग की ऊंची पहाड़ियों पर विमान का मुख्य ढांचा और उसकी पूंछ देखी है। यह विमान 11 लोगों को लेकर उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही रडार से गायब हो गया था।

यह टर्बोप्रॉप ATR 42-500 विमान शनिवार दोपहर योग्याकार्ता से दक्षिण सुलावेसी की राजधानी मकसार जा रहा था। विमान ने स्थानीय समयानुसार दोपहर 1 बजकर 17 मिनट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क खो दिया। अधिकारियों के अनुसार, संपर्क टूटने से कुछ ही देर पहले एटीसी ने पायलट को रास्ता सही करने के निर्देश दिए थे, क्योंकि विमान अपने निर्धारित लैंडिंग मार्ग से थोड़ा भटक गया था। आखिरी बार विमान को मारोस जिले के लेआंग-लेआंग इलाके के आसपास ट्रैक किया गया था।

ये भी पढ़ें: Magh Mela Snan 2026: मौनी अमावस्या पर आज होगा तीसरा प्रमुख स्नान, संगम में उमड़ेगा आस्था का सैलाब

विमान की खोज में एक अहम मोड़ तब आया, जब माउंट बुलुसाराउंग पर चढ़ाई कर रहे कुछ स्थानीय पर्वतारोहियों ने पहाड़ की ऊंचाई पर धुआं और फैला हुआ मलबा देखा। इसके बाद रविवार सुबह हेलीकॉप्टर के जरिए हवाई निगरानी की गई, जिसमें पहाड़ की उत्तरी ढलान पर विमान के टुकड़े साफ दिखाई दिए। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मलबे पर इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट का लोगो नजर आ रहा है, जिससे यह तय हो गया कि यह वही लापता विमान है।

इस विमान में कुल 11 लोग सवार थे। इनमें 8 चालक दल के सदस्य शामिल थे, जिनमें पायलट कैप्टन एंडी दहानंतो भी थे। इसके अलावा 3 यात्री भी विमान में मौजूद थे, जो इंडोनेशिया के समुद्री मामलों और मत्स्य मंत्रालय के अधिकारी बताए जा रहे हैं। हालांकि मलबे की पहचान हो चुकी है, लेकिन वहां तक पहुंचना राहत और बचाव दल के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। माउंट बुलुसाराउंग नेशनल पार्क का इलाका काफी खड़ा, पथरीला और घने जंगलों से घिरा हुआ है। साथ ही इलाके में घना कोहरा और तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे हेलीकॉप्टर की लैंडिंग संभव नहीं हो पा रही है। ऐसे में करीब 400 सुरक्षाकर्मियों और बचावकर्मियों की टीम पैदल ही कठिन पहाड़ी रास्तों से मलबे तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

फिलहाल बचाव दल का मुख्य उद्देश्य मलबे तक पहुंचकर यह पता लगाना है कि विमान में सवार लोगों की स्थिति क्या है। खराब मौसम और दुर्गम इलाका राहत कार्य में लगातार बाधा बन रहा है, लेकिन अधिकारी हर संभव प्रयास में जुटे हुए हैं।

ये भी पढ़ें: Today’s Weather 18 Jan 2026: कड़ाके की ठंड के बीच चुनौती बना कोहरा! कुछ राज्यों में बारिश के आसार

Exit mobile version