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वेनेजुएला में अचानक लाल हुआ आसमान, दशहत में आए लोग, जानें वजह

Venezuela caracas Sky Turned Red

Venezuela caracas Sky Turned Red

इंटरनेशनल डेस्क: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हाल ही में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया। शहर के ऊपर शाम के समय पूरा आसमान गहरे लाल रंग में दिखाई देने लगा। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। कई लोगों ने इसे किसी चमत्कार या बड़ी आपदा का संकेत बताया, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसकी वजह पूरी तरह प्राकृतिक बताई है।

लाल आसमान देखकर लोगों में बढ़ी चिंता

कुछ दिन पहले काराकास में भूकंप आया था, जिसके कारण लोग पहले से ही डरे हुए थे। ऐसे में जब शाम के समय आसमान का रंग अचानक गहरा लाल नजर आया, तो लोगों की चिंता और बढ़ गई। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह के दावे और अफवाहें फैलने लगीं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना का भूकंप या किसी रहस्यमयी शक्ति से कोई संबंध नहीं है।

आखिर क्यों दिखाई देता है आसमान लाल?

वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य की रोशनी कई रंगों से मिलकर बनी होती है, जब यह रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करती है, तो हवा में मौजूद गैसों, धूल और अन्य छोटे-छोटे कणों से टकराती है। इस प्रक्रिया में नीले रंग की किरणें अधिक बिखर जाती हैं, जबकि लाल और नारंगी रंग की किरणें लंबी दूरी तय करके हमारी आंखों तक पहुंचती हैं। यही कारण है कि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय आसमान अक्सर लाल या नारंगी दिखाई देता है।

 

इस बार लाल रंग इतना गहरा क्यों?

विशेषज्ञों का कहना है कि काराकास में इस बार लाल रंग सामान्य से अधिक गहरा दिखाई देने के पीछे दो मुख्य कारण थे। पहला कारण सहारा रेगिस्तान की धूल थी। हर साल गर्मियों के दौरान अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान से उड़ने वाले बेहद महीन धूल के कण अटलांटिक महासागर पार करके कैरेबियाई क्षेत्र और वेनेजुएला तक पहुंच जाते हैं। ये धूल के कण सूर्य की रोशनी को अलग तरीके से बिखेरते हैं, जिससे लाल रंग और अधिक गहरा दिखाई देता है। दूसरा कारण हाल में आए भूकंप के बाद हवा में मौजूद धूल और मलबे के बारीक कण हो सकते हैं। हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका असर सीमित था और मुख्य वजह सहारा की धूल ही रही।

‘कैंडिलाजो’ घटना

वेनेजुएला और कैरेबियाई देशों में इस तरह के गहरे लाल सूर्यास्त को ‘कैंडिलाजो’ (Candilazo) कहा जाता है। यह नाम पुराने समय में इस्तेमाल होने वाले तेल के दीये ‘कैंडिल’ से लिया गया है, जब सूर्यास्त के समय आसमान दीये की लौ की तरह चमकीला लाल दिखाई देता है, तो उसे कैंडिलाजो कहा जाता है। यह एक प्राकृतिक मौसम संबंधी घटना मानी जाती है।

क्या भूकंप से इसका कोई संबंध है?

वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि लाल आसमान का हालिया भूकंप से कोई सीधा संबंध नहीं है। इसे किसी आने वाली आपदा, अलौकिक घटना या रहस्यमयी संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह केवल वायुमंडल में मौजूद धूल और सूर्य की रोशनी के बिखरने की सामान्य वैज्ञानिक प्रक्रिया का परिणाम था।

ऑरोरा लाइट्स से बिल्कुल अलग घटना

कुछ लोगों ने इस लाल आसमान की तुलना उत्तरी यूरोप और स्कैंडिनेवियाई देशों में दिखाई देने वाली ऑरोरा लाइट्स से की, लेकिन दोनों घटनाएं पूरी तरह अलग हैं। ऑरोरा तब बनता है, जब सूर्य से आने वाले आवेशित कण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराते हैं। वहीं काराकास का लाल आसमान केवल सूर्यास्त, वातावरण में मौजूद धूल और प्रकाश के बिखरने की प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण दिखाई दिया। इसलिए इसे किसी असामान्य या रहस्यमयी घटना के रूप में देखने की जरूरत नहीं है।

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