तीसरा जलडमरूमध्य के पार चीनी संस्कृति शिखर सम्मेलन 11 मई को चीन की राजधानी पेइचिंग में उद्घाटित हुआ। थाईवान जलडमरूमध्य के दोनों तटों के सांस्कृतिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने चीनी संस्कृति के विरासत, प्रचार और विकास पर विचार-विमर्श किया।
शिखर सम्मेलन में उपस्थित मेहमानों ने कहा कि संस्कृति किसी राष्ट्र की आत्मा होती है, थाईवान जलडमरूमध्य के दोनों तटों के बंधुओं के रक्त में अटूट जड़ है और दोनों तटों को जोड़ने वाला सबसे मजबूत आध्यात्मिक बंधन भी है।
थाईवान के चीनी संस्कृति सतत विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष ल्यू चाओशुएन ने कहा कि शिखर सम्मेलन में विशेषज्ञों के बीच चर्चा के अलावा, युवा और लोकप्रिय संस्कृति भी शामिल हुई। इससे संस्कृति पर न केवल चर्चा हो पाती है, बल्कि उसे महसूस और अनुभव भी किया जा सकता है।
चीनी लेखक संघ के अध्यक्ष चांग होंगसन ने कहा कि दोनों तटों के युवा लोग चाहे कहीं भी हो, अपना फोन उठाकर कभी भी और कहीं भी एक ही किताब पढ़ सकते हैं, एक ही शो देख सकते हैं, एक ही गाना सुन सकते हैं और एक साथ अपना विचार प्रकट कर सकते हैं। इससे विचार और भावना के बीच सहज संबंध स्थापित हुए।
शिखर सम्मेलन में उपस्थित मेहमानों ने कहा कि थाईवान जलडमरूमध्य के दोनों तटों के लोगों के जीवन में सांस्कृतिक आदान-प्रदान अनिवार्य हिस्सा बन गया है। दोनों तटों के बीच आदान-प्रदान और सहयोग बढ़ाना जनता की आम इच्छा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

