
US-Iran Conflict: मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने आधिकारिक बयान जारी कर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है।
अमेरिका के अनुसार, उसकी सेना ने ईरान के करीब 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर हो रहे हमलों को रोका जा सके।
क्यों की गई कार्रवाई?
अमेरिका का कहना है कि हाल ही में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों और अन्य व्यावसायिक जहाजों पर हमला किया। इन जहाजों पर आम नागरिक और व्यापारिक सामान मौजूद था। अमेरिका ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। अमेरिकी अधिकारियों का यह भी कहना है कि यह हमला दोनों देशों के बीच पिछले महीने हुए युद्धविराम का उल्लंघन है। इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक, हमलों में ईरान की कई अहम सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी केंद्र, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, जहाजों को निशाना बनाने वाली एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें और ड्रोन लॉन्चिंग साइट शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी ईरान के सिरीक, केशम और बंदर अब्बास जैसे महत्वपूर्ण बंदरगाह क्षेत्रों में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, इन हमलों में हुए नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने आपसी समझौते का उल्लंघन किया है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखता है। साथ ही संकेत दिए कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो वह उचित जवाबी कार्रवाई भी कर सकता है।
U.S. Central Command forces have begun launching a series of powerful strikes against Iran to impose heavy costs for targeting and attacking commercial shipping crewed by innocent civilians in an international waterway. The U.S. strikes are in response to Iranian attacks on three…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 7, 2026
क्षेत्र में बढ़ी चिंता
अमेरिका की इस सैन्य कार्रवाई और ईरान की चेतावनी के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव फिर से बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच टकराव जारी रहता है, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर दोनों देशों की अगली रणनीति पर बनी हुई है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...