China News : आज का दौर तकनीक का दौर है और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) की भूमिका बहुत अहम हो चुकी है। जीवन के हर क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है और एआई इसमें सबसे आगे है। जितनी तेजी से एआई लोकप्रिय हुआ है, उसे देखते हुए उसके सही ढंग से उपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि एआई को उचित तरीके से काम में न लाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके मद्देनजर विभिन्न सरकारों और इंटरनेट कंपनियों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। ताकि तकनीक का गलत इस्तेमाल न हो। चीन एआई के क्षेत्र में लीडर की भूमिका निभा रहा है, ऐसे में चीन द्वारा किए जा रहे उपायों पर दुनिया की नजर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल एआई विभिन्न उद्योगों और रोजमर्रा के जीवन को बड़ी तेजी से नया आकार और रूप दे रहा है। इसका भविष्य तकनीकी प्रगति के साथ-साथ ज़िम्मेदार शासन पर काफी हद तक निर्भर करेगा। जैसा कि हम जानते हैं अभी-अभी चीन में वूचन इंटरनेट सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें हिस्सा ले रहे विद्वानों ने एआई के भविष्य और एआई की उपयोगिता आदि पर अपने विचार रखे। चीनी साइबरस्पेस प्रशासन के चीफ़ इंजीनियर वू तोंग के अनुसार, एआई हमारे दौर का एक अपरिवर्तनीय चलन बन गया है, जिसने हमारे उत्पादन, जीवन और शासन की तरीको को गहराई से बदलने का काम किया है।
जैसा कि हम जानते हैं कि चीन में 15वीं पंचवर्षीय योजना शुरू होने वाली है। इसको लेकर चीन सरकार व संबंधित एजेंसियां पूरी तरह से तैयार हैं, ताकि अगले पांच वर्षों में चीन को आर्थिक, सामाजिक स्तर पर और मजबूत बनाया जा सके। इस दौरान चीन में एआई के विकास को प्राथमिकता देना जारी रहेगा, इसमें मौलिक अनुसंधान के साथ-साथ ओपन सोर्स पारिस्थितिकी तंत्र और इंडस्ट्रियल ग्रुप्स पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। विशेषज्ञ कहते हैं कि चीन में जिस तरह से टेक्नोलॉजी का व्यापक इस्तेमाल हो रहे है, उसके लिहाज से नवाचार को मजबूत शासन, विश्वसनीय डेटा गुणवत्ता और पेशेवर विशेषज्ञता से जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है।
जानकारों ने एआई के इस्तेमाल पर सावधानी बरतने की आवश्यकता पर भी बल दिया है। उनके मुताबिक आज के समय में जिस तरह एआई डिजिटल दुनिया से भौतिक दुनिया में फैल रहा है, इसके जोखिम और चुनौतियां और भी जटिल होती जा रही हैं। इतना ही नहीं आज हम न केवल तकनीकी कमजोरियों का सामना कर रहे हैं, बल्कि नैतिक, गोपनीयता और व्यवस्थागत जोखिमों का भी सामना कर रहे हैं।
यह भी सच्चाई है कि आज तकनीक और एआई के कारण हमारे जीवन में कई सुविधाएं आ चुकी हैं। एआई की ताकत यह है कि, हर चीज को प्रोग्राम किया जा सकता है और उसकी नकल की जा सकती है, उसे पैदा किया जा सकता है और व्यवस्थित भी किया जा सकता है। यही एआई की ताकत और कमजोरी दोनों हैं। इसके लिए एआई के इस्तेमाल के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी उपाय भी अहम हैं। कहा जा सकता है कि एआई का भविष्य तकनीक के साथ-साथ जिम्मेदार शासन पर भी निर्भर करता है।
(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

