इंटरनेशनल डेस्क: बोआओ एशिया मंच (Boao Forum for Asia, BFA) 24 से 27 मार्च, 2026 तक दक्षिण चीन के द्वीपीय प्रांत हाईनान के एक छोटे से कस्बे बोआओ में आयोजित होने वाला है। वर्ष 2002 से यह मंच चीनी सरकार और एशियाई देशों के बीच आपसी रूप से लाभकारी आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए एक अखिल-एशियाई संवाद मंच के रूप में कार्य कर रहा है। बीते 24 वर्षों में, बोआओ सम्मेलन एशियाई देशों के लिए अपने विचार साझा करने और इस क्षेत्र के आर्थिक विकास पर चर्चा करने हेतु एक प्रमुख मंच बन गया है।
बीएफए 2026 चीन के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक सत्र “दो सत्रों” के दो सप्ताह से भी कम समय बाद शुरू हो रहा है, जो इसे चीन के 2026 के आर्थिक विकास लक्ष्य (जीडीपी) 4.5%-5% और हाल ही में अनुमोदित 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) की व्याख्या करने के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच बनाता है।
यह वार्षिक सम्मेलन, जिसने दुनिया भर का ध्यान खींचा है, ऐसे अहम समय पर हो रहा है जब अमेरिका की मनमानी टैरिफ नीतियों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कहर बरपाया हुआ है। ऐसे में चीन की मेजबानी में आयोजित 2026 का बोआओ फोरम फॉर एशिया एक उम्मीद की किरण है। यह वार्षिक आयोजन वैश्विक व्यापारिक साझेदारों का स्वागत कर रहा है और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के पुनर्गठन का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
यह आशा की जाती है कि इस वर्ष का 25वां बीएफए वैश्वीकरण के समर्थन में अपनी आवाज उठाएगा, जब मुक्त व्यापार पर संरक्षणवाद हावी हो रहा है और भू-राजनीतिक विभाजन बढ़ रहे हैं।
2026 में बीएफए की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर, इस वर्ष की सम्मेलन का थीम है “साझा भविष्य का निर्माण:नई परिस्थितियां, नए अवसर, नया सहयोग”। यह विषय एक स्पष्ट संदेश देती है: गहरे वैश्विक बदलाव और चुनौतियों के बीच, नए अवसर उभरते हैं। आत्मविश्वास और सहयोग के साथ, अंतरराष्ट्रीय समुदाय चुनौतियों को अवसरों में बदल सकता है, जीत-जीत परिणाम प्राप्त कर सकता है, और एक अधिक समृद्ध विश्व के लिए एक खुला, नवाचारी एशिया बना सकता है।
बीएफए न्यू ईयर आउटलुक 2026 ने एक कठोर सच सामने रखा है: दुनिया अधिक विभाजित और अनिश्चित होती जा रही है। लेकिन इस अस्थिरता के बीच भी, बहुपक्षवाद और सहयोग ही आगे का रास्ता है। विश्वास बहाल करना, वैश्विक शासन को मजबूत करना, और नीतिगत समन्वय बढ़ाना, ये कदम वैश्विक परिदृश्य को स्थिर करने और ग्लोबल साउथ को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक हैं।
चीन के नेतृत्व में बोआओ एशिया मंच 2026 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह फोरम एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और विकास को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करता है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में मदद कर सकता है। चीन की पहल पर आयोजित यह फोरम एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों को एक साथ लाता है और उनके बीच सहयोग को बढ़ावा देता है, जो वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए आवश्यक है।
इस वर्ष का बीएफए चार प्रमुख दिशाओं पर केंद्रित है: नवाचार और एआई, बहुपक्षवाद, क्षेत्रीय सहयोग, और समावेशी विकास। ये सभी पहलू अंतर्राष्ट्रीय विकास और सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हैं। यह मंच सदस्य देशों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो उन्हें वैश्विक नेताओं और व्यापारिक हस्तियों के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करता है और निस्संदेह उनके आर्थिक विकास और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है।
चीन एशिया में क्षेत्रीय सहयोग का एक सक्रिय समर्थक और भागीदार रहा है, और उसने क्षेत्रीय सहयोग में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बेल्ट एंड रोड परियोजना के तहत जकार्ता-बांडुंग हाई-स्पीड रेलवे (इंडोनेशिया), चीन-लाओस रेलवे, चीन-थाईलैंड हाई-स्पीड रेलवे, श्रीलंका का मतारा-कटारागामा रेलवे और हंबनटोटा बंदरगाह, पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह का उन्नयन, वियतनाम की हनोई में कैट लिन्ह-हा डोंग (Cat Linh–Ha Dong) मेट्रो लाइन, और दाऊ टिएंग (Dau Tieng) सोलर पावर प्लांट(वियतनाम) ये चीन के उन प्रयासों के कुछ प्रमुख उदाहरण हैं, जो एक साझा भविष्य वाले एशियाई समुदाय के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
2026 का बोआओ एशिया मंच वाकई एक गेम-चेंजर साबित होने जा रहा है। इस “ईस्टर्न दावोस” में 60 से अधिक देशों के लगभग 2,000 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यह सम्मेलन वैश्विक रुझानों को समझने और विकास के लिए आगे का रास्ता बनाने में मदद करेगा।
(साभार–चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— रविशंकर बसु)