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थाईलैंड में मचा हड़कप…सुप्रीम कोर्ट ने Srettha Thavisin को प्रधानमंत्री के पद से किया बर्खास्त

थाईलैंड के प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां थाईलैंड के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिन को नैतिक मूल्यों का उल्लंघन करने के आरोप में पद से हटा दिया। आपको बता दे कि अदालत ने एक हफ्ते पहले मुख्य विपक्षी दल को भंग करने का आदेश दिया था। जिसके बाद इन दो घटनाक्रमों के बाद थाई राजनीति में हलचल मच गई है। संवैधानिक न्यायालय ने श्रेथा को एक कैबिनेट सदस्य की नियुक्ति को लेकर दोषी ठहराया जिसे अदालत के एक अधिकारी को रिश्वत देने के मामले में जेल की सजा हुई थी। अदालत ने श्रेथा के खिलाफ 5:4 के बहुमत से फैसला दिया।

नए पीएम की नियुक्ति तक बनी रहेगी कैबिनेट

आपको बता दे की संसद जब तक नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति नहीं करती तब तक कैबिनेट कार्यवाहक आधार पर बनी रहेगी। फिलहाल संसद को इस पद पर नियुक्ति के लिए कोई समयसीमा नहीं दी गई है। पिचिट को 2008 में अदालत की अवमानना ​​के आरोप में छह महीने की जेल हुई थी जब उन्होंने कथित तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा से जुड़े एक मामले में एक न्यायाधीश को किराने की थैली में 2 मिलियन थाई बॉट नकद रिश्वत देने की कोशिश की थी।

लेकिन जब इस घटना पर विवाद फिर से शुरू हुआ तो नियुक्ति के कुछ सप्ताह बाद पिचिट ने पद से इस्तीफा दे दिया। अदालत ने कहा कि हालांकि पिचिट पहले ही जेल की सजा काट चुके हैं, लेकिन उच्चतम न्यायालय के फैसले के मुताबिक उनका व्यवहार बेईमानी भरा है। इसने फैसला सुनाया कि प्रधानमंत्री के रूप में श्रेथा के पास अपने कैबिनेट सहकर्मियों की योग्यता की पड़ताल करने की जिम्मेदारी थी। अदालत का कहना है कि पिचिट के अतीत के बारे में श्रेथा जानते थे लेकिन फिर भी उन्हें कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया और इस तरह उन्होंने नैतिकता संहिता का उल्लंघन किया है।

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