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Kim Jong Un की लग्जरी Bullet Proof Train में हैं ये लक्जरी चीजें

September 12, 2023

Kim Jong Un की लग्जरी Bullet Proof Train में हैं ये लक्जरी चीजें

लंदनः उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग-उन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए मंगलवार को बुलेटप्रूफ ट्रेन में सवार होकर रूस पहुंचे। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि धीमी गति से चलने वाली लक्जरी ट्रेन में हाई-प्रोफाइल यात्रियों के लिए पेरिस से आयातित फ्रांसीसी वाइन, ताजा व जीवित झींगा मछलियां और नर्तकियों और कलाकारों की टीम भी है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारी बख्तरबंद सुरक्षायुक्त पीले रंग की धारी वाली हरे रंग की ट्रेन जिसका नाम तायंगहो है, जो सूर्य के लिए कोरियाई शब्द है और उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग का प्रतीकात्मक संदर्भ है, लगभग 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलती है।

किम जोंग-उन ने धीमी गति से चलने वाली ट्रेन में लगभग 1,180 किमी की यात्र करते हुए 20 घंटे से अधिक समय बिताया। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) का हवाला देते हुए दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट में मंगलवार को कहा गया कि किम जोंग-उन रविवार दोपहर सत्तारूढ़ पार्टी के प्रमुख अधिकारियों और सशस्त्र बलों के साथ बुलेटप्रूफ ट्रेन में सवार होकर रूस के लिए प्योंगयांग से रवाना हुए थे। केसीएनए ने कहा कि किम ‘रूसी संघ की यात्र के लिए रविवार दोपहर को ट्रेन से यहां से रवाना हुए।‘

इस बीच, रूसी मीडिया आउटलेट ‘वेस्टी प्रिमोरी‘ ने एक रेलवे स्नेत का हवाला देते हुए यह भी बताया कि किम की ट्रेन मंगलवार को सीमावर्ती शहर खसान पहुंची और सुदूर पूर्वी शहर उस्सूरीस्क की ओर जा रही है। रूसी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेन मंगलवार तड़के खासन स्टेशन से गुजरी और पहले से ही प्रिमोर्स्की क्राय क्षेत्र में है। दक्षिण कोरियाई दैनिक चोसुन इल्बो ने बताया कि बख्तरबंद ट्रेन में लगभग 90 गाड़ियां हैं। इसमें सम्मेलन कक्ष, दर्शक कक्ष और शयनकक्ष भी है, साथ ही ब्रीफिंग के लिए सैटेलाइट फोन और फ्लैट स्क्रीन टेलीविजन भी लगाए गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रेन से लंबी दूरी की यात्रा की परंपरा किम जोंग-उन के दादा किम इल सुंग ने शुरू की थी, जो वियतनाम और पूर्वी यूरोप की यात्राओं पर अपना खुद का लोकोमोटिव लेते थे। ऐसा कहा जाता है कि आलीशान ट्रेनों पर सुरक्षा एजेंटों की कड़ी निगरानी होती है, जो बम और अन्य खतरों के लिए मार्गों और आगामी स्टेशनों को स्कैन करते हैं। किम जोंग-उन के पिता किम जोंग इल, जिन्होंने 1994 से 2011 में अपनी मृत्यु तक उत्तर कोरिया पर शासन किया, को पुतिन के साथ बैठक करने के लिए 2001 में मास्को पहुंचने में 10 दिन लगे।

रूसी सैन्य कमांडर कॉन्स्टेंटिन पुलिकोव्स्की, जो 2001 की सवारी में पूर्व उत्तर कोरियाई नेता के साथ थे, ने अपने संस्मरण ‘ओरिएंट एक्सप्रेस‘ में कहा कि ट्रेन में ‘रूसी, चीनी, कोरियाई, जापानी और फ्रांसीसी व्यंजनों के किसी भी व्यंजन को ऑर्डर करना संभव था।‘ उन्होंने लिखा कि ताजा व्यंजनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जीवित झींगा मछलियों को ट्रेन में ले जाया गया, जबकि बोडरे और बरगंडी से रेड वाइन के डिब्बे भी पेरिस से लाए गए। उन्होंने कहा, ’यहां तक कि पुतिन की निजी ट्रेन में भी किम जोंग इल की ट्रेन जैसा आराम नहीं था।’

एक अन्य पूर्व रूसी राजनयिक, जॉर्जी टोलोराया ने 2019 में उसी 2001 की ट्रेन यात्रा के अपने अनुभव के बारे में लिखा था, जिसमें प्योंगयांग से गधे के मांस और अबालोन जैसे स्वादिष्ट माने जाने वाले व्यंजनों के बारे में बताया गया था। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के मुताबिक, किम जोंग इल की 2011 में ट्रेन में यात्रा के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।

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