Last Updated: October 4, 2026

Dainik Savera Times Logo

नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल का तीसरे संस्करण वियतनाम के होची मिन्ह शहर में शुरू

October 28, 2023

नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल का तीसरे संस्करण वियतनाम के होची मिन्ह शहर में शुरू

भारत और वियतनाम के बीच शिक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का रास्ता खुला

होची मिन्ह: नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल की आधिकारिक रूप से शुरुआत वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर में आज हुई। यह एक भव्य और विशालकाय इवेंट की शुरुआत का प्रतीक है। इसका उद्देश्य भारत और वियतनाम में शिक्षा, व्यापार, कारोबार और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनना है। इस फेस्टिवल में महत्वपूर्ण और विशिष्ट हितधारक एकत्र हुए। इसमें दोनों देशों के विभिन्न प्रांतों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कारोबारी एकत्र हुए। उद्घाटन कार्यक्रम में वियतनाम के कई प्रांतों की विशिष्ट हस्तियां और संघ ने भागीदारी की, जिससे इस इवेंट का महत्व सभी के सामने उजागर किया गया। इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट हस्तियां मौजूद थीं। इस समारोह में वियतनाम के हो ची चिन्ह शहर में विदेशी मामलों के मंत्रालय में महानिदेशक श्री ट्रॉन फुओक अन्ह और निन्ह थुआन प्रांत की उपाध्यक्ष गुयेन लॉन्ग बिएन शामिल थे। भारत और वियतनाम की विशिष्ट हस्तियों के भव्य जमावड़े ने फेस्टिवल में सहयोग और साझेदारी के जज्बे को उभारा।

उद्घाटन समारोह में संस्कृति और कूटनीति का बेहतरीन तालमेल देखा गया। उद्घाटन समारोह की शुरुआत दीप प्रज्जवलित करने से हुई। इसके बाद मृदुस्मिता दास बोरा ने मनमोहक सत्रिय डांस परफॉर्मेंस पेश की। वियतनाम में भारत के राजदूत श्री संदीप आर्य ने उद्घाटन भाषण किया, जिसमें उन्होंने इस फेस्टिवल के बारे में उन्होंने काफी कुछ बताया। भारतीय विदेश मंत्रालय में माननीय राज्य मंत्री एमओएस (आरआरएस) श्री आर.के. रंजन और हो ची चिन्ह शहर में विदेशी मामलों के मंत्रालय में महानिदेशक श्री ट्रॉन फुओक अन्ह ने अपने मूल्यवान विचार व्यक्त किए।

समारोह के शुरुआती दिन पर अलग-अलग जगहों के बारे में चर्चा की गई, जिसमें असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड शामिल थे। इसे सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों ने पेश किया। इसमें इन जगहों के अनोखे आकर्षण पर जोर डाला गया। महोत्सव के सांस्कृतिक श्रेणी का समापन मेघालय के आदिवासियों के पारंपरिक संगीत और ड्रम एन्सेंबल परफॉर्मेंस के साथ हुआ। इस डांस परफॉर्मेंस में खासी, जैन्तिया और गारो आदिवासियों की समृद्ध सांस्कृति विरासत का नजारा पेश किया। इस उद्घाटन दिवस का समापन एचसीएमसी के कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया डॉ. मदन मोहन सेठी ने किया। नॉर्थ इंडिया फेस्टिवल का दूसरा दिन, 28 अक्टूबर भी काफी आकर्षक होगा। इस दिन डेडिकेटेड टेक्सटाइल जोन के साथ इनक्रेडिबल इंडिया एग्जिबिशन भी लोग देख सकेंगे। 28 को भारत के अलग-अलग उत्तरपूर्वी राज्यों का एग्जिबिशन जोन भी मेहमान देख सकेंगे। फेस्टिवल के दूसरे दिन व्यापार और निवेश के अवसरों, हैंडलूम और हैंडिक्रॉफ्ट इंडस्ट्री और उत्तर पूर्वी राज्यों में निवेश योग्य परियोजनाओं पर विचार-विमर्श के सत्र की मेजबानी की जाएगी।

नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के मुख्य आयोजक श्री श्यामकानू महंता ने इस इवेंट के बारे में विचार साझा करते हुए कहा, “इस पूरे कार्यक्रम की जड़ें एक्ट ईस्ट पॉलिसी में है। पिछले साल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में खास तौर पर बताया था कि बैंकॉक में हुए नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल ने भारत और बैंकॉक के बीच संबंधों को बढ़ावा देने में प्रमुख भूमिका निभाई है। इससे भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के संबंध उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुए हैं। इस साल वियतनाम में सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर खास फोकस रख रहे हैं। हमारा विजन दोनों देशों के बीच शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में रिश्तों को बढ़ावा देना है। यह महोत्सव नॉर्थ ईस्ट के लिए कभी एक प्लेटफॉर्म के रूप में शुरू हुआ था, आज यह भारत के सबसे बड़े फोरम में से एक है। इससे न सिर्फ सांस्कृतिक संबंधों में आदान प्रदान को बढ़ावा मिल रहा है, पर इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, वाणिज्य, शिक्षा, पयर्टन और अन्य क्षेत्रों में संबंध भी विकसित हो रहे हैं। यह पहला मौका है, जब वियतनाम इतने भव्य पैमाने पर समारोह का आयोजन कर रहा है। हमें इस पहल के सुखद परिणाम आने की काफी आशा है। हम इसके प्रति उत्साहित हैं।“

एचसीएमसी के कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया डॉ. मदन मोहन सेठी ने कहा, “नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल एक असाधारण पहल है, जो वियतनाम के साथ भारत के उत्तरपूर्वी राज्यों के सांस्कृतिक और आर्थिक अवसरों के लिए एक पुल का काम करते हैं। यह भव्य महोत्सव वियतनाम में काफी बड़े पैमाने पर आयोजित हो रहा है। यह निर्विवाद रूप से आपसी ज्ञान और साझेदारी के प्रयासों के लिए अमूल्य प्लेटफॉर्म ऑफर कर रहा है” इस महोत्सव के विविध कार्यक्रमों में इनवेस्टमेंट एंड ट्रेड सेशन, टूरिज्म बी2बी मीट और पीपुल-टु-पीपल एक्सचेंज मीट शामिल है। इसका उद्देश्य भारत और वियतनाम के बीच शैक्षिक आदान-प्रदान, शिक्षण कार्यक्रमों और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना है। इनवेस्टमेंट और ट्रेड सेशन में उत्तर पूर्वी राज्यों के विकास मंत्रालय, इनवेस्ट इंडिया और वियतनाम के निवेशक समुदाय के बीच विचार-विमर्श को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे लंबे समय तक व्यापारिक संबंधों के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें