Last Updated: September 21, 2026

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चीन इस तरह दुनिया को देता है तकनीकी ताकत, झटका नहीं

July 10, 2026

चीन इस तरह दुनिया को देता है तकनीकी ताकत, झटका नहीं

इंटरनेशनल डेस्क: चीन ने हाल के वर्षों में हर क्षेत्र में जो विकास किया है, वह देखने लायक है। विशेष रूप से तकनीक और एआई में चीन की भूमिका काफी अहम हो गयी है। हालांकि कुछ पश्चिमी देश चीन के नवाचार को खतरे के रूप में देखते हैं। लेकिन चीन को जानने और समझने वाले कहते हैं कि चीन द्वारा किए गए कार्यों और इनोवेशन की पहुंच वैश्विक स्तर पर अच्छे रूप में हुई है। साथ ही चीन में हो रहे आर्थिक विकास ने वैश्विक उथल-पुथल के दौर में राहत प्रदान की है।

जैसा कि हम जानते हैं कि चीन बार-बार अपने बाज़ार को और खोलने और उदार नीतियों पर जोर देता है। जिसमें विदेशी कंपनियों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने और उन्हें आकर्षित करने पर भी ध्यान दिया गया है। हाल के वर्षों में चीन में निवेश करने और अपने कार्यालय स्थापित करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों की संख्या में इजाफा हुआ है। क्योंकि चीन में उन्हें काम करने के लिए अच्छा और उचित वातावरण मिलता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की तकनीकी तरक्की और औद्योगिक ताकत, साथ ही बाज़ार खोलने की उसकी कोशिशें, ग्लोबल बिज़नेस के लिए “चीन अवसर 2.0” पेश करती हैं। जो कि पश्चिमी देशों के कुछ जगहों में उभरी तथाकथित “चीन शॉक 2.0” वाली बात का खंडन करती हैं।

गौरतलब है कि दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव और संरक्षणवादी नीतियों का प्रभाव बढ़ रहा है। दुनिया अशांति और युद्ध के माहौल में रह रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर बुरा असर दिख रहा है। ऐसे दौर में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति चीन अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह निभा रहा है। चीन में हो रहा विकास ग्लोबल आर्थिक वृद्धि के लिए इनोवेशन पर आधारित सहयोग की राह दिखाता है। बताया जाता है कि “चीन अवसर 2.0” बिजनेस को आधुनिक तकनीक और टेस्टिंग ग्राउंड्स तक व्यापक पहुंच प्रदान करता है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि “चीन शॉक 2.0” वाली बात जो नई ऊर्जा और बायो फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में चीन में हो रहे विकास और तरक्की को खतरे के रूप में बढ़ा-चढ़ाकर पेश करती हैं। दरअसल यह वही संरक्षणवादी सोच है, जो पहले भी चीन के खिलाफ प्रसारित की जाती थी। एक ओर कुछ ऐसे देश हैं, जो वैश्विक अस्थिरता फैलाने में लगे हैं और युद्ध छेड़ रहे हैं। जबकि चीन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहा है।

चीनी राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, चीन ने पिछले साल शोध और विकास पर लगभग 4 ट्रिलियन युआन खर्च किए, जो उसकी जीडीपी का 2.8 प्रतिशत से अधिक है। यह अपने आप में बहुत बड़ी राशि है। इस तरह शोध कार्यों और विकास को लेकर चीन की गंभीरता का पता चलता है। इसके साथ ही अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात करें तो, इस पर आधारित इनोवेशन अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए अहम है। जानकार कहते हैं कि चीन जिस तरह व्यवस्थित तरीके से इस फील्ड में काम कर रहा है, वह उसे पश्चिमी देशों के मुकाबले बढ़त प्रदान करता है।

चीन की “15वीं पंचवर्षीय योजना” (2026-2030) में चीन एआई को मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस, दोनों क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था के व्यापक दायरे में लागू करने और अपनाए जाने पर जोर दे रहा है। इस पर विदेशी कंपनियां काफी उत्साहित दिख रही हैं, क्योंकि इससे वे वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति और क्षमता को बढ़ाने के लिए चीनी इनोवेशन इकोसिस्टम का इस्तेमाल कर रही है।
इससे स्पष्ट होता है कि चीन के प्रति ग्लोबल स्तर पर भरोसा बढ़ रहा है, कंपनियां चीन को खतरे के रूप में नहीं अवसर के तौर पर देख रही हैं।

(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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