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27 लाख डॉलर में बिकी ईसा मसीह की ये दुर्लभ पेंटिंग, जानें क्या है इसकी खासियत

वर्सलीज (फ्रांस): बारोक शैली के दिग्गज कलाकार पीटर पॉल रूबेन्स की एक दुर्लभ और लंबे समय तक गुम रही पेंटिंग आखिरकार फिर से दुनिया के सामने आ गई है। यह अनमोल कलाकृति रविवार को वर्सलीज में हुई नीलामी में करीब 27 लाख अमेरिकी डॉलर में खरीदी गई।

यह वही पेंटिंग है जिसे हाल ही में पेरिस स्थित एक निजी हवेली से खोजा गया था। चार सौ वर्षों से भी ज्यादा पुरानी इस कला कृति में ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाए जाने के अंतिम क्षणों का चित्रण है।

क्यों अनोखी है यह पेंटिंग?

विशेषज्ञों के अनुसार, रूबेन्स ने अपने करियर में क्रूसीफिक्शन के कई दृश्य रचे, लेकिन ईसा के देहांत के क्षणों को इतनी मार्मिकता और दुर्लभ तत्वों के साथ उन्होंने लगभग कभी नहीं उतारा। कला इतिहासकारों का दावा है कि यह इकलौती पेंटिंग है जिसमें ईसा मसीह के घाव से रक्त और पानी एकसाथ बहते हुए दर्शाए गए हैं। यही विवरण इसे रूबेन्स की अन्य कृतियों से अलग और अत्यंत कीमती बनाता है। नीलामीकर्ता जीन-पियरे ओसेना बताते हैं “पहली ही नजर में हमें शक हुआ कि यह साधारण खोज नहीं है। गहन जांच और शोध के बाद ‘रुबेनियानम’ समिति ने इसे रूबेन्स की असली रचना के रूप में प्रमाणित किया।”

सदियों से गायब रहने की दास्तां

ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार यह पेंटिंग 17वीं सदी की शुरुआत के बाद रहस्यमयी ढंग से अस्तित्व से गायब हो गई थी। माना जाता है कि 19वीं सदी में प्रसिद्ध फ्रांसीसी चित्रकार विलियम बूगुएरो के निजी संग्रह में यह चित्र मौजूद था। बाद में पीढ़ियों तक उनके परिवार के पास रहा और कभी सार्वजनिक प्रदर्शनी में नहीं आया। इस गुमशुदा खजाने का अचानक मिल जाना कला जगत के लिए किसी रोमांचक खोज से कम नहीं है।

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कला जगत में हलचल

इस बिक्री ने न सिर्फ नीलामी हॉल का ध्यान खींचा, बल्कि कला विशेषज्ञों और संग्रहकर्ताओं में भी उत्सुकता जगा दी है। अब नजरें इस बात पर हैं कि यह पेंटिंग आगे किस संग्रहालय या निजी गैलरी में अपनी जगह बनाएगी। चार दशक से अधिक समय पहले बनी यह कृति आज भी अपनी भावनात्मक शक्ति और ऐतिहासिक रहस्यों के कारण दर्शकों को आकर्षित करती है और यही एक महान कला का असली मूल्य है।

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