Trump and Xi Jinping Meeting: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को बीजिंग में अपने चीनी काउंटरपार्ट ‘शी जिनपिंग’ से मुलाकात की। ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रीजनल सिक्योरिटी के मुद्दों पर चल रहे तनाव के बीच इसे दोनों पक्षों के बीच “हाई-स्टेक्स” बाइलेटरल बातचीत कहा जा सकता है। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में शी ने ट्रंप का फॉर्मल स्वागत किया, जिससे दोनों नेताओं के बीच एक करीबी डिप्लोमैटिक मीटिंग शुरू हुई। इस मीटिंग पर सबकी नजर रही।
शी के कैबिनेट के सदस्यों से मिलने से पहले दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। ट्रंप ने चीनी प्रेसिडेंट को अपने कैबिनेट के सदस्यों से भी मिलवाया, जिसमें US सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो और सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ शामिल थे।
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ट्रंप को दिया गया सेरेमोनियल गार्ड ऑफ ऑनर
ट्रंप को चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ऑनर गार्ड बटालियन की तरफ से सेरेमोनियल गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। सेरेमोनियल स्वागत के बाद, दोनों नेता वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच चिंता के मुख्य एरिया पर फोकस करते हुए बाइलेटरल बातचीत करेंगे, जिसमें इकोनॉमिक कोऑपरेशन, टैरिफ, ग्लोबल सप्लाई चेन और जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट शामिल हैं। ट्रंप के सम्मान में शाम को एक सरकारी दावत भी होगी।
#WATCH US President Donald Trump receives Guard of Honour in Beijing.
Chinese President Xi Jinping also present.
(Source: The White House) pic.twitter.com/23wVSUHwxA
— ANI (@ANI) May 14, 2026
2017 के बाद पहला सरकारी दौरा
ट्रंप बुधवार को अपने दो दिन के दौरे के तहत चीनी राष्ट्रपति के साथ एक हाई-स्टेक समिट के लिए चीन पहुंचे। उनके पहुंचने पर चीन के वाइस प्रेसिडेंट हान झेंग ने उनका स्वागत किया और चीन में अमेरिकी राजदूत डेविड परड्यू भी मौजूद थे। 2017 में ट्रंप के पिछले दौरे के बाद यह अमेरिकी राष्ट्रपति का चीन का पहला सरकारी दौरा है। पिछले अक्टूबर में बुसान में हुई मीटिंग के बाद से दोनों राष्ट्रपति एक-दूसरे से आमने-सामने मिले हैं।
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चीन ने अहम सेंसिटिव मुद्दों पर दोहराई बात
उनके यहां पहुंचने से पहले अमेरिका में चीन की एम्बेसी ने बुधवार को चीन-अमेरिका संबंधों में अहम सेंसिटिव मुद्दों पर अपनी बात दोहराई और कहा कि कुछ मुद्दे “चार रेड लाइन” बनाते हैं, जिन्हें 13 से 15 मई तक ट्रंप के चीन दौरे के दौरान चुनौती नहीं दी जानी चाहिए।
X पर एक पोस्ट में एम्बेसी ने कहा, “चीन-अमेरिका संबंधों में चार रेड लाइन को चुनौती नहीं दी जानी चाहिए।” पोस्ट के साथ एक इमेज में उन्हें ‘ताइवान सवाल’, ‘लोकतंत्र और मानवाधिकार’, ‘रास्ते और राजनीतिक सिस्टम’ और ‘चीन का विकास अधिकार’ के रूप में लिस्ट किया गया था।
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