
बर्लिन। जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ ने गाजा पट्टी से फिलिस्तीनियों को स्थानांतरित करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना की आलोचना करते हुए इसे ‘एक घोटाला‘ बताया। स्कोल्ज़ और विपक्षी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के नेता फ्रेडरिक र्मज़ 23 फरवरी को होने वाले बुंडेस्टाग चुनाव से पहले रविवार शाम को पहली टेलीविजन बहस में हिस्सा लेंगे। यह चर्चा किए गए प्रमुख विषयों में से एक था कि ट्रंप के प्रशासन के तहत जर्मनी को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कैसे संबंध स्थापित करना चाहिए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व के मुद्दे पर बात करते हुए स्कोल्ज़ ने ट्रंप के गाजा प्रस्ताव के खिलाफ अपने विरोध को फिर से व्यक्त किया।
शुक्रवार को एक अभियान कार्यक्रम में बोलते हुए स्कोल्ज़ ने अपनी असहमति जताते हुए कहा, ‘हमें गाजा की आबादी को मिस्र में फिर से नहीं बसाना चाहिए।‘ रविवार की बहस के दौरान स्कोल्ज़ ने ट्रंप से निपटने के लिए अपनी रणनीति को ‘स्पष्ट शब्दों और मित्रवत बातचीत‘ के रूप में बताया। मर्ज ने ट्रंप के प्रस्ताव पर चिंता जताते हुए इसे ‘अमेरिकी प्रशासन के परेशान करने वाले प्रस्तावों में से एक बताया। हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि जर्मनी को यह देखने के लिए इंतजार करना चाहिए कि अमेरिकी सरकार किन योजनाओं को ‘गंभीरता से आगे बढ़ाने का इरादा रखती है।
संभावित अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर स्कोल्ज़ ने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो यूरोपीय संघ ‘एक घंटे के भीतर कार्रवाई‘ करने के लिए तैयार है। इस बीच, र्मज़ ने ब्रेक्सिट के बावजूद ब्रिटेन के साथ सहयोग और यूरोपीय एकता के महत्व पर जोर दिया और चुनौतियों का सामना करने के लिए ‘एक सामान्य यूरोपीय रणनीति‘ की अपील की।
उनकी बहस में अर्थव्यवस्था, आप्रवासन और यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के प्रभाव जैसे प्रमुख घरेलू मुद्दे भी शामिल थे। आने वाले चुनावों को स्कोल्ज़ की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसपीडी) के लिए एक अहम परीक्षा माना जा रहा है, जिसे अभी तक 16 प्रतिशत वोट मिले हैं। कंजरवेटिव सीडीयू और उसकी बवेरियन सहयोगी पार्टी, क्रिश्चियन सोशल यूनियन (सीएसयू) लगभग 30 प्रतिशत का स्थिर समर्थन लेकर चुनाव में सबसे आगे हैं।
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