इंटरनेशनल डेस्क: ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की संभावनाओं को साफ तौर पर नकार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि ईरान इस समय अमेरिका से कोई वार्ता नहीं करेगा। लारिजानी का यह बयान उन खबरों के बाद आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान ने कुछ मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने के संकेत दिए हैं। इन दावों को खारिज करते हुए लारिजानी ने स्पष्ट किया कि ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और यह केवल अटकलें हैं।
अपने बयान में लारिजानी ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप ने झूठे वादों और गलत नीतियों के जरिए पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। लारिजानी ने कहा कि अब अमेरिका को अपने सैनिकों की संभावित मौतों की चिंता सता रही है, जबकि मौजूदा हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं।
पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई है। इसके बाद अमेरिका और Israel ने रविवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में जोरदार धमाके हुए, जिससे इमारतों की खिड़कियां तक हिल गईं और आसमान में धुएं के बादल छा गए। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। मरने वालों में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
इस बीच Donald Trump ने एक वीडियो संदेश जारी कर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचता है तो उसका जवाब दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है और आगे और जानें जा सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह संकेत भी दिया कि यदि ईरान का नया नेतृत्व बातचीत के लिए आगे आता है तो अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि वह वार्ता करना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने सहमति भी दे दी है।